कस्ता से भाजपा विधायक सौरभ सिंह सोनू पर फायरिंग की घटना पुलिस की जांच में झूठी साबित हुई है। बुधवार देर रात विधायक ने दावा किया था कि उन पर जानलेवा हमला हुआ। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से दो युवकों को हिरासत में लिया।
सीसीटीवी फुटेज में हुआ खुलासा
घटना के बाद पुलिस ने विधायक आवास के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में दो युवक दिखाई दिए, जिनकी पहचान नौरंगाबाद निवासी शिवम और राजाजीपुरम निवासी अमन के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में युवकों ने विधायक के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की बात तो मानी, लेकिन फायरिंग करने से साफ इनकार कर दिया।
साले-बहनोई निकले आरोपी
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि पकड़े गए युवक आपस में साले-बहनोई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि विवाद के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, लेकिन गोली चलाने की घटना को नकार दिया। पुलिस ने दोनों युवकों का गाली-गलौज और अभद्रता के आरोप में चालान कर दिया।

विधायक अपने दावे पर कायम
विधायक सौरभ सिंह सोनू ने पुलिस को दी गई सूचना में कहा था कि उन पर जानलेवा हमला हुआ। हालांकि, पुलिस जांच में यह दावा सही नहीं पाया गया। पुलिस और विधायक के बयानों में विरोधाभास है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर सच क्या है?
पुलिस का बयान
घटना पर एसपी गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने अभद्रता करने की बात स्वीकार की है, लेकिन फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई का पता लगाया जाएगा।
अभद्रता के आरोप में कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ गाली-गलौज और अभद्रता के आरोप में कार्रवाई की है। मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए जांच जारी है।
सवालों के घेरे में घटना
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। विधायक अपने दावे पर अड़े हैं, जबकि पुलिस की जांच में फायरिंग की घटना झूठी पाई गई। अब देखना होगा कि जांच के अंतिम नतीजे में क्या सामने आता है।
यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि जनता के बीच सच्चाई को उजागर करने का भी है। पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




