बिजली विभाग में संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी से नाराज कर्मियों ने हैदराबाद विद्युत उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर काम ठप करने की चेतावनी दी और फिर विधायक अमन गिरी के आवास पहुंचकर उनसे हस्तक्षेप की मांग की।
कर्मचारियों की नाराजगी
संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पहले विद्युत मजदूर कल्याण समिति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक उपकेंद्र पर 21 कर्मचारी तैनात थे। अब नई कंपनी “वर्ल्ड क्लास” के अनुबंध के बाद, यह संख्या घटाकर मात्र 12 कर दी गई है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आ गया है।
धरने में शामिल कर्मचारी
धरने में धीरेंद्र शर्मा, इंतजार अली, संतोष कुमार, नितिन यादव, अंकित गुप्ता, मोहम्मद हाशिम, हशमत अली, सोनू, और कल्लू जैसे कई कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को जारी सूची में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया है।

विधायक से हस्तक्षेप की मांग
धरने के बाद कर्मचारियों ने मंडल अध्यक्ष अतुल खरे और विकास कुमार की अगुवाई में विधायक अमन गिरी से मुलाकात की। उन्होंने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि अधिकारियों ने अपने चहेते लोगों को नौकरी पर रख लिया है और बाकी को बाहर कर दिया गया है। विधायक ने मामले में दखल देने और समाधान का आश्वासन दिया।
अधिकारियों का पक्ष
अधिकारियों का कहना है कि जितने कर्मचारियों की आवश्यकता अनुबंध के तहत थी, उन्हें रखा गया है। बाकी कर्मियों की छंटनी की गई है।
प्रदर्शन में मौजूद लोग
धरने और मुलाकात के दौरान अब्दुल लईक, बाबी सिंह, पंकज सिंह, सुमित गिरी, अनवर अली, दर्शन, गुफरान, अंकित, पुष्पक, और रवि सिंह सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
छंटनी से परेशान बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जताई और समस्या का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले का हल कैसे निकालता है।




