थाना निघासन क्षेत्र में जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों में बाघ और तेंदुए पहुंच रहे हैं, इसकी वजह से ग्रामीण काफ़ी ज्यादा परेशान हैं, इसके साथ ही बाघ और तेंदुए के डर से उनका खेती बाड़ी का भी काम प्रभावित हो रहा है, बुधवार को गांव हरसिंगपुर के पास तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल है
मिली जानकारी के अनुसार दुधवा नेशनल पार्क के बफरजोन जंगल से निकलकर तेंदुआ, बाघ के साथ अन्य हिंसक वन्य जीव बाहर आ रहे हैं, जो निघासन की वन रेंज लुधौरी, बेलरायां, धौरहरा और मझगईं क्षेत्र के रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं,इसके साथ ही दो महीनें में तीनों क्षेत्रों में अब तक लगभग तीन से चार लोग बाघ और तेंदुआ का शिकार बन चुके हैं, और 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, धौरहरा, मझगईं और निघासन वनरेंज की टीम हमला करने वाले छह से अधिक तेंदुआ और बाघों को पकड़कर जंगल वापस भेज चुका है, लेकिन वन विभाग ने ऐसे कोई पुख्ता प्रयास अभी तक नहीं किए जिससे हिंसक वन्य जीव जंगल के बाहर न निकल सकें।

खेतों की तरफ जाने से कतरा रहे ग्रामीण
इन दिनों गन्ने की कटाई और छिलाई का कार्य चल रहा है, तेंदुआ की आमद के बाद किसान एक बार फिर से पूरी तरह से सहम गए हैं, इससे खेती किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है, किसानों का कहना है कि मजदूर गन्ने की छिलाई करने खेतों में जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं, हिम्मत जुटाकर जा भी रहे हैं तो वन्य जीवों के डर से काम भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
इसके साथ ही लुधौरी रेंज वन क्षेत्राधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार गांव में तेंदुआ के मौजूद होने की सूचना मिली थी,जिसके तुरंत बाद वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर कांबिंग कराई गई है, किसानों से अपील है कि वह सतर्कता के साथ खेतों में जाएं।




