लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से रेलवे ट्रैक के पास पानी का दबाव बढ़ गया है। खासतौर पर मैलानी–नानपारा मीटरगेज रूट पर स्थिति गंभीर है, रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस रूट पर चलने वाली सभी मीटरगेज ट्रेनों को 31 अगस्त 2025 तक रद्द करने का आदेश दिया है, इसके चलते मैलानी, पलिया, भीरा सहित जिला के लोगो का ट्रेन से पड़ोसी जिला पहुंचना नहीं हो सकेगा।
प्रभावित इलाके और स्थिति का सारांश
शारदा नदी में उफान और भारी बारिश की वजह से मैलानी नानपारा रेलप्रखंड पर रेल ट्रैक के नीचे पानी का रिसाव हो रहा है, इससे रेल ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है, भीरा पलिया के बीच बाढ़ के पानी का रिसाव करीब 100 मीटर रेल ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर रहा है, इससे मैलानी नानपारा रेलप्रखंड पर संचालित ट्रेनों को निरस्त कर दिया है।
जिले में एकलौती बची मीटरगेज की मैलानी-नानपारा रेलप्रखंड पर शारदा नदी में आई बाढ़ ने रेल आवागमन ही बंद कर दिया।वर्ष 2024 में भी इसी स्थान पर ट्रैक कट गया था, जिससे पलिया कस्बा करीब तीन महीने तक टापू जैसा बन गया, और पांच लाख से अधिक लोग एवं हजारों एकड़ फसल प्रभावित हुए थे। इस बार पुनः उस स्थिति की स्थिति से लोगों में चिंता बढ़ गई है।
रेलवे की आधिकारिक प्रतिक्रिया
शारदा नदी में बाढ़ आने के बाद लखीमपुर खीरी जिले के मैलानी–नानपारा मीटरगेज रूट पर पानी का दबाव तेज़ हो गया है, ब्रिज नंबर 97 के पास ट्रैक के नीचे लगभग 100 मीटर क्षेत्र में पानी का रिसाव और मिट्टी कटाव देखने को मिला है। कार्य जारी:
मरम्मत कार्य जारी:
इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को मौके पर तैनात किया गया है, भारी मशीनरी और बालू के बैग डालकर ट्रैक के नीचे के हिस्से को मजबूत किया जा रहा है।
निगरानी व्यवस्था:
पानी के बहाव और ट्रैक की स्थिति पर 24 घंटे नज़र रखने के लिए विशेष मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है।
पिछला अनुभव ध्यान में:
रेलवे ने पिछले साल के ट्रैक कटाव की घटना को देखते हुए इस बार पहले ही संचालन रोककर मरम्मत शुरू कर दी है, ताकि बड़े हादसे से बचा जा सके।
यात्रियों से अपील:
यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन के ज़रिए ट्रेन की स्थिति चेक करने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।




