लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कहर: नौ घर और प्राचीन शिव मंदिर नदी में समाए, ग्रामीणों में दहशत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में शारदा नदी के उफान और तेज कटान ने भारी तबाही मचाई है,निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट नंबर 12 गांव में कटान ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। बीते 13 दिन में गांव के नौ मकान और एक प्राचीन शिव मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया,खेत-खलिहान और फसले तो पहले ही नदी की भेंट चढ़ गए थे, ग्रामीणों का कहना है कि शारदा की लहरें पलक झपकते ही खेत और घर को निगल रही हैं, ग्रामीणों में दिन रात भय और आक्रोश का माहौल बना रहता है।

मंदिर और मूर्तियाँ बह गईं

एक प्राचीन शिव मंदिर, जिसे ग्रामीण श्रद्धा से पूजते थे, 10 सेकंड में शारदा नदी में समा गया, वीडियो में लोग “जय श्री राम” के नारे लगाते दिख रहे हैं, जिससे इस घटना का भावनात्मक पहलू भी उजागर होता है।शारदा नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है। केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि इस क्षेत्र में अब तक 9 मकान नदी में समा चुके हैं। साथ ही, अनुमानित 1800 निवासियों की बस्तियाँ और लगभग 400 घरों इस खतरे की जद में हैं

शारदा नदी के कटाव का असर

कटाव के साथ फसल और खेतों को भी भारी नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भरा हुआ है और खरीफ जैसे गन्ना व धान की फसल खराब हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ी है कटाव तेजी से बढ़ रहा है और हर रोज़ 1–2 घर खतरे में आ रहे हैं, खेत, पेड़, फसलें और जानवरों के आश्रय सब खतरे में हैं, किसानों की खरीफ फसलें (गन्ना, धान) जलमग्न हो चुकी हैं।

प्रशासन के प्रयास और आलोचना

हालांकि सिंचाई विभाग और प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपये की परियोजनाएँ चल रही हैं, लेकिन उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ये प्रयास केवल कागज़ों तक सीमित रह गए हैं निघासन एसडीएम राजीव निगम ने मौके निरीक्षण किया है और बचाव कार्य जारी बताया है, साथ ही प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है

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