लखीमपुर-खीरी के संपूर्णानगर कोतवाली क्षेत्र, गांव लगदहान के 45 वर्षीय किसान की बाघ के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। घटनास्थल पर जब पुलिस और वन विभाग की टीम पहुँची, तो किसान का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला — शव से आधा पैर गायब था। पुलिस ने शव को चादर में लपेटकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
घटना स्थल पर मिला किसान का आधा पैर, बाघ के हमले की पुष्टि
मिली जानकारी के अनुसार गांव लगदहान में रहने वाले किसान हरिश्चंद्र शुक्रवार दोपहर अपने खेत पर काम करने गए थे। उसके बाद वह लापता हो गए थे। घरवालों के तहत जब हरिश्चंद्र शाम तक घर नहीं पहुंचे, तो उन लोगों को उनकी चिंता हुई, खेत में जाकर देखा, तो वहां भी कोई नहीं था, इसके बाद हम लोगों ने गांववालों के साथ खोजबीन शुरू की।
वन विभाग की टीम को भी रात में इस बारे में बताया गया।सुबह पुलिस और वन विभाग की टीम के साथ गांववाले भी खेतों में हरिश्चंद्र को सर्च कर रहे थे। तभी उसका शव दिखाई दिया। बाघ के हमले से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। उसका एक पैर कुछ दूरी पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को चादर में लपेटकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
वन विभाग के खिलाफ भड़के ग्रामीण
हरिश्चंद्र की मौत बाघ के हमले से होने की बात पता चलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने इलाके की सुरक्षा में लापरवाही बरती है, जिससे यह खौफनाक हादसा हुआ। इलाके में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष से लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग को त्वरित कार्रवाई कर बाघ को पकड़ना चाहिए ताकि और जान-माल का नुकसान न हो।
दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
किसान हरिश्चंद्र के परिवार में पत्नी नन्हीं देवी के अलावा 6 बच्चे हैं,इनमें एक बेटा और पांच बेटियां हैं, तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। हरिश्चंद्र की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। लोगों में डर का माहौल है। पलिया वन क्षेत्राधिकारी विनय कुमार ने बताया परिजनों को 10 हजार की आर्थिक सहायता दी गई है।
वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। बता दें,कि दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन इलाके में वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बाघ जंगल से निकलकर ग्रामीण इलाकों में हमला कर रहे हैं।
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