उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में 22 अगस्त शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय में शख्स झोले में नवजात बच्चे का शव रखकर पहुंच गया, यह नजारा देख कर डीएम कार्यालय में मौजूद लोगों मे अफरा-तफरी का माहौल हो गया,शख्स ने बताया कि उसकी पत्नी ने एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था, परन्तु अस्पताल की लापरवाही से बच्चे की मौत हो गई और पत्नी की हालत गम्भीर बनी हुई हैं, शख्स ने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
जिले के महेवागंज स्थित गोलदार अस्पताल में घटी घटना
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, इलाज में लापरवाही और पैसों की मांग के चलते महिला का नवजात बच्चा पेट में ही मर गया और मां की हालत गम्भीर बताई जा रही है, आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला को इलाज देने के बजाय जबरन हॉस्पिटल के बाहर निकाल दिया।
शुक्रवार को बच्चे का शव झोले में रखकर पिता विपिन गुप्ता जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, वहां उन्होंने अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार लखीमपुर खीरी जिले के भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम नौसर जोगी निवासी विपिन गुप्ता की पत्नी रूबी गुप्ता गर्भवती थीं, बुधवार की रात प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ में भर्ती कराया, डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव का समय अभी नहीं है, लेकिन हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इसी बीच रूबी की बहन ने गांव की आशा बहू दीपा से संपर्क किया।दीपा ने मरीज को महेवागंज स्थित गोलदार हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी, रात करीब ढाई बजे महिला को परिजनों द्वारा गोलदार हॉस्पिटल ले जाया गया, यहां मौजूद डॉ. हुकुमा गुप्ता और मनीष गुप्ता ने जांच की और परिजनों से 10 हजार रुपए नार्मल डिलीवरी तथा 12 हजार रुपए छोटे ऑपरेशन के नाम पर वसूल किए।
परिजनों ने लगाए गम्भीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि रूबी की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से पहले 25 हजार रुपए अग्रिम जमा करने की बात कही, वही विपिन गुप्ता ने तत्काल 5 हजार रुपए दिए और शेष रकम सुबह तक देने का आश्वासन दिया, परन्तु डॉक्टरों ने इलाज में आनाकानी शुरू कर दी।इलाज शुरू होते ही महिला की हालत और भी ज्यादा बिगड़ने लगी हालत गम्भीर होने लगी, आरोप है कि जब स्थिति नाजुक हो गई।
तो डॉक्टरों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिए, इतना ही नहीं, अस्पताल की नर्सों की मदद से महिला को जबरन अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया।इस पर महिला को गंभीर हालत में तुरंत शहर के सृजन अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने बताया कि पेट में पल रहा बच्चा पहले ही मर चुका है और उसे गलत दवाइयां दी गई थीं, बाद में ऑपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला गया, फिलहाल मां की हालत गंभीर बनी हुई है।
पिता विपिन गुप्ता मृत बच्चे का शव झोले में रखकर जिला मुख्यालय पहुंचे
विपिन गुप्ता मृत बच्चे का शव झोले में रखकर जिला मुख्यालय पहुंचे वहा पर उन्होंने पहले डीएम कार्यालय और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की, अचानक मृत बच्चे का शव झोले में देखकर लोग भयभीत हो गए,विपिन गुप्ता का कहना है कि गोलदार हॉस्पिटल के डॉ. मनीष गुप्ता और हुकुमा गुप्ता ने लालच के कारण उनके बच्चे की जान चली गई,
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज की जगह दोनों डॉक्टर लगातार पैसे की मांग करते रहे।विपिन ने आरोपियों पर भ्रूण हत्या और मरीज की जान जोखिम में डालने का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, अस्पताल को सील करने की कार्रवाई के लिए टीम मौके पर भेजी गई है।
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