Lakhimpur Kheri News: शारदा नदी का कहर जारी: लखीमपुर में गांव के गांव हो रहे तबाह, 13 घर बहे देखते-देखते

लखीमपुर खीरी जिले के निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट नंबर 12 गांव का हल अब पूरी तरह से समाप्त होता जा रहा है, शारदा नदी का कहर व तबाही के चलते अब तक करीब 13 मकान नदी में समा चुके हैं गांव में बना प्राचीन मंदिर भी नदी में समा चुका है, जिससे लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं, शारदा नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

इन लोगों के मकान बहे

गांव की महिलाओं व ग्रामीणों द्वारा प्रशासनिक कार्य पर लगातार आरोप लगाये जा रहे हैं, मिली जानकारी के अनुसार, सुमन देवी पत्नी कमलेश और राजाराम का मकान उनके ही सामने नदी में पूरी तरह से समा गया, इससे पहले सीमा देवी और कामता का घर नदी के बहाव में बह गया था।

वंदना देवी और कामिनी देवी के मकान भी लहरों में समा चुके हैं सुमन देवी, राजकुमारी, राम सिंह, संतोष, कमला देवी, कमलू और विजय कुमार के मकान भी नदी की धारा में समा चुके हैं, कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है, शारदा नदी गांव के नजदीक पहुंच रही है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है, लोग अपना आशियाना छोड़कर बीबी बच्चों को लेकर पलायन करने लगे हैं।

कटान रोकने में नहीं मिली सफलता

स्थानीय लोगों ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा था, परन्तु उससे कोई सफलता नहीं मिल रही है, शारदा की लहरें पलक झपकते ही खेत और घर दोनों को निगल रही हैं, लोग दिन-रात शो नहीं पा रहे हैं, उनके अंदर डर का साया मंडरा रहा है और गांव वालों की बेचैनी हर गुजरते पल के साथ बढ़ती जा रही है।

गांव के रहने वाले जसपाल यादव ने बताया कि शारदा नदी का कटान तेजी से हो रहा है, तभी वह पड़ोसी की मदद करने गए थे, जब वह लौट कर आए तब उन्होंने देखा कि हमारा मकान नदी में समा गया है, मेहनत मजदूरी कर हमने अपना मकान बनाया था, जो चंद सेकेंड में नदी की बलि चड गया, अब हमारा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है, गांव के लोग अपने आशियाने नष्ट कर रहे हैं और पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।

सरकार से मिलेगी इतनी मदद

एसडीएम निघासन राजीव निगम ने जानकारी देते हुए बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा गांव में जितने भी घर बचे हैं उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है, सिंचाई विभाग द्वारा सैंड बैग लगाए जा रहे हैं, गांव में करीब 400 घर हैं और 1800 लोगों की आबादी है।

शारदा नदी से प्रभावित प्रत्येक पीड़ित को दैवीय आपदा से 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, इसके साथ ही प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से होशियार रहने और आपात स्थिति की जानकारी देने की अपील की गई है।

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