Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी में 10 करोड़ की ठगी का खुलासा, लालच का जाल बिछाकर लोगों से ट्रांसफर कराये करोड़ों रुपये

लखीमपुर खीरी में 30 से अधिक लोगों से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जालसाजों ने ज्यादा ब्याज और अच्छा मुनाफा देने का झांसा देकर उनसे रकम ट्रांसफर कराई। इसके बाद कुछ रिफंड दिया, जिसे बाद में बंद कर दिया। पीड़ितों ने दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है।

मामला एवं आरोप

बात दे कि लखीमपुर खीरी में बॉम्बिटेक एक्सचेंज और बीमैक्स रियल्टी के नाम से सदर कोतवाली क्षेत्र के 30 से अधिक लोगों से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। निवेशक बुधवार को इन दोनों कथित कंपनी के टीम लीडर और उसके सहयोगी को पकड़कर कोतवाली लाए और तहरीर दी।

पुलिस दोनों से पूछताछ कर सबूत जुटाने में लगी है।एएसपी पवन गौतम ने बताया कि ठगी के शिकार हुए पीड़ितों ने शिकायत की है। कथित कंपनी के लोगों ने उन्हें एकमुश्त जमा रकम पर हर महीने साढ़े सात प्रतिशत ब्याज देने का झांसा देकर निवेश कराया था। हर महीने रिफंड मिलने की बात कही थी। कुछ महीनों बाद रिफंड नहीं आने पर निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ।

ज्यादा ब्याज और अच्छे मुनाफे का दिया लालच

मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के 30 से अधिक लोगों से कथित बॉम्बिटेक एक्सचेंज और बीमैक्स रियल्टी कंपनी ने ज्यादा ब्याज और अच्छे मुनाफे का लालच देकर मोटी रकम का निवेश कराया था। यहां तक की कुछ लोगों ने अपने घर मकान गिरवी रखकर कंपनी में पैसा लगाया तो किसी ने जमा पूंजी में से दो लाख तो किसी ने 25 लाख रुपये तक का निवेश कर दिया था,कुछ ने अपने जेवर बेच दिए तो कुछ ने गिरवी रख दिए।

इसके साथ ही बताया जा रहा है कि सभी से रकम ऑनलाइन जमा कराई गई थी। पीड़ितों के मुताबिक शुरुआती कुछ महीनों में तय ब्याज के हिसाब से रिफंड मिला, परन्तु जुलाई, 2025 के बाद कंपनी ने रिफंड देने वाले विकल्प को बंद कर दिया। कई बार के प्रयास के बाद भी जब रिफंड नहीं मिला तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

दुबई भाग गया कंपनी का मालिक

खीरी जिले के साथ ही आरोपी ने कई अन्य जिलों को अपनी ठगी का निशाना बनाया जिसमें पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर सहित कई जिलों में अपना नेटवर्क फैलाए बॉम्बिटेक एक्सचेंज कंपनी के कर्मचारियों ने लोगों को मोटे ब्याज का लालच देकर उन्हें अपनी ठगी का शिकार बनाया। पीड़ितों का कहना है कि कंपनी का मालिक एकाध महीने पहले ही दुबई भाग गया है। हालांकि, कुछ टीम लीडरों के साथ वह सीधे संवाद बनाए हुए है।

इसके जरिये ही वह अन्य लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा है।पीड़ित नृपेंद्र कुमार मौर्य, कृष्ण कुमार गुप्ता, लक्ष्मी देवी, विकास कुमार यादव, प्रभात कुमार अवस्थी, प्रवीण श्रीवास्तव अनुराग तिवारी आदि ने बताया कि जय प्रकाश मौर्या खुद को कंपनी का सीएमडी बताता था। उसके खिलाफ पहले से ही नीमगांव थाना और जिला एटा में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं, जो न्यायालय में लंबित हैं।

होटल में करते थे बैठक

कंपनी की ओर से मिली लग्जरी कार के जरिये बॉम्बिटेक एक्सचेंज के दो कर्मचारी यहां आते थे। एक ने खुद को टीम लीडर बताया था। दोनों शहर के एक होटल में रुककर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। उनके दोबारा आने की जानकारी होने पर पीड़ितों ने होटल पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया और कोतवाली ले आए।

इसमें वीरेंद्र भटनागर और दुर्गेश शर्मा के नाम सामने आए हैं। पुलिस दोनों की दस्तावेज लेकर जांच कर रही है।एएसपी पवन गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

मर्सिडीज से आए थे दो लोग पकड़े, गाड़ी सीज

पीड़ितों ने जिन दो लोगों को पकड़ा, वे तीन दिन पहले लखीमपुर आए थे। पीड़ितों का आरोप है कि उक्त दोनों लोग लगातार कंपनी के मालिक के संपर्क में हैं। वे यहां मर्सिडीज कार से आकर होटल में ठहरे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास लग्जरी गाड़ी के कागजात न होने की वजह से उसे सीज कर दिया है।

शहर कोतवाल हेमंत राय का कहना है कि पूछताछ और पड़ताल के दौरान पीड़ितों की ओर से तहरीर में बनाए गए इन दोनों आरोपियों वीरेंद्र भटनागर और दुर्गेश शर्मा का कहना था कि वह भी कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे थे। उक्त आरोपियों में से एक पीलीभीत का रहने वाला है। पीड़ितों की माने तो जिस कार से दोनों आरोपी आए थे वह कार दुबई की किसी आशा मौर्य नाम पर पंजीकृत है। बताया जा रहा है कि आशा मौर्य कंपनी के मालिक जेपी मौर्य की पत्नी हैं। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

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