लखीमपुर खीरी जिले में गोविंद शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र नैनापुर प्रथम पर किसानों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि केंद्र पर गन्ना उतराई के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। चार दिन से तौल भी बंद है, जिससे किसानों का गन्ना सूख रहा है।
किसानों में नाराज़गी अवैध वसूली का आरोप
लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में गोविंद शुगर मिल ऐरा के गन्ना सेंटर नैनापुर प्रथम पर किसानों में भारी नाराज़गी देखने को मिली है। किसानों से गन्ना ‘उतराई’ के नाम पर 100 रुपये शुल्क मांगे जाने के विरोध में सेंटर पर पिछले चार दिनों से गन्ना तौल पूरी तरह बंद पड़ी है। सोमवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि गन्ना उत्पादन की लागत पहले ही बढ़ चुकी है। ऐसे में बिना वजह की यह वसूली उनके लिए आर्थिक बोझ बन रही है।
कई किसानों ने बताया कि यदि वे पैसे नहीं देते तो उनकी गन्ने की ट्रॉली देर से खाली की जाती है या उन्हें परेशान किया जाता है।किसानों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी गन्ना भरी ट्रॉली लेकर सेंटर पहुँचते हैं, तो गन्ना उतरवाने के नाम पर उनसे जबरन अतिरिक्त पैसे लिए जाते हैं। यह पैसा कोई आधिकारिक शुल्क नहीं है, बल्कि स्टाफ या संबंधित लोगों द्वारा निजी रूप से वसूला जा रहा है।
विरोध प्रदर्शन हुआ
धौरहरा तहसील क्षेत्र के गोविंद शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र नैनापुर प्रथम पर किसानों ने आरोप लगाया कि यहां ट्रॉलियों से गन्ना उतराई के नाम पर अवैध रूप से सौ रुपये वसूले जा रहे थे। अवैध वसूली का विरोध करते हुए किसानों ने तौल बंद करा दी। किसानों की गन्ना भरी ट्रॉलियां चार दिन से सेंटर पर खड़ी हैं।
किसानों से बातचीत मे किसानो का कहना है कि मिल पहले से ही 9.25 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती कर रही है। इसके बावजूद सेंटर पर अलग से उतराई शुल्क की मांग की जा रही है। यह साफ तौर पर किसानो का शोषण है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चार दिनों से सेंटर पर खड़ी हैं, जिनमें भरा गन्ना सूखकर खराब होने लगा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रहा है। इन सब कारणों से किसानों ने गन्ना केंद्र पर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाज़ी की और मिल प्रबंधन से तत्काल अवैध वसूली बंद कराने की मांग की।
मौके पर नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार
नैनापुर गांव के किसान कौशल वर्मा, रामप्रताप वर्मा, सुमित मौर्या , वीरेंद्र कुमार, मलखे, हरिओम, नीरज आदि का आरोप है कि समस्या की सूचना मिल प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारों को कई बार दी गई, लेकिन न तो प्रबंधन का कोई अधिकारी और न ही कर्मचारी मौके पर पहुंचा। जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जि
ला गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि सेंटर पर लोडर न होने से दिक्कत हुई है, एससीडीआई ऐरा से सेंटर शुरू कराने को कहा है। जल्द तौल शुरू हो जाएगी। यदि किसानों से गन्ना उतराने के एवज में रुपये लिए जा रहे है तो गलत है। जांच कराएंगे दोषियों पर कार्रवाई होगी।




