लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर के लिए बन रहे मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली गोला कॉरिडोर परियोजना में काम की धीमी रफ्तार को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान पाया कि निर्धारित समय-सीमा के बावजूद प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस लापरवाही पर परियोजना से जुड़े तीन ठेकेदारों पर कुल 3.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
भुगतान से पहले पेनाल्टी काटने के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि संबंधित ठेकेदारों को होने वाले भुगतान से पहले ही जुर्माने की राशि काटी जाए। साथ ही भविष्य में कार्य की रफ्तार तेज करने के सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।एक जांच समिति और तकनीकी परीक्षण में पाया गया कि कार्यस्थल पर पर्याप्त श्रमिक नहीं थे और निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं थी।
यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) यूनिट-14, लखनऊ द्वारा कराए जा रहे इस कार्य की अनुबंधित पूर्णता तिथि 15 मार्च 2026 है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए परियोजना का समय पर पूरा होना मुश्किल लग रहा है। देरी के बावजूद, सक्षम प्राधिकारी को समय-विस्तार का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया था।
काम में देरी पर प्रशासन सख्त
गोला कॉरिडोर परियोजना में निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि तय समय-सीमा के बावजूद कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही थी। इसके साथ ही प्रशासन ने इस बात पर भी गौर किया कि श्रावण मास में गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए आते हैं। यदि कॉरिडोर का निर्माण समय पर पूरा नहीं होता है, तो इससे शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड की तकनीकी रिपोर्ट में जुर्माने की पुष्टि हुई है। अनुबंध संख्या 109 (मेसर्स रीना सिंह) पर 8 प्रतिशत (लगभग 1.45 करोड़ रुपये), अनुबंध संख्या 110 (मेसर्स नारायन एसोसिएट्स) पर 6 प्रतिशत (लगभग 1.04 करोड़ रुपये) और अनुबंध संख्या 111 (मेसर्स नारायन एसोसिएट्स) पर 5 प्रतिशत (लगभग 86 लाख रुपये) का लिक्विडेटेड डैमेज लगाया गया है।
तीन ठेकेदारों पर 3.35 करोड़ का जुर्माना
परियोजना से जुड़े तीन ठेकेदारों की लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने उन पर कुल 3.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कार्य में देरी और अनुबंध की शर्तों का पालन न करने के कारण की गईइसके साथ ही जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव, पर्यटन विभाग को पत्र लिखकर सख्त निर्देश दिया है कि कार्यदायी संस्था को भुगतान करते समय कुल 3.35 करोड़ रुपये की पेनल्टी काटकर ही भुगतान किया जाए।
यह सुनिश्चित करेगा कि अनुबंध की शर्तों का पालन हो और परियोजना तय समय सीमा में पूरी हो सके।प्रशासन ने संबंधित विभागों को नियमित निगरानी के आदेश दिए हैं। डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि आगे भी कार्य में सुधार नहीं हुआ तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गोला कॉरिडोर को जिले की महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसे तय समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है।
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