उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के थाना तिकुनिया क्षेत्र में एक बार फिर बाघिन के हमले से सनसनी फैल गई। खेत में काम करने गई एक महिला को बाघिन दबोच ले गई। महिला के लापता होने के करीब 12 घंटे बाद खेत में उसका अधखाया शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।
खेत में काम करने गई थी महिला, नहीं लौटी घर
लखीमपुर खीरी के थाना तिकुनिया क्षेत्र के गांव महाराजनगर के पास शनिवार देर शाम गन्ने के खेत में काम करने गई भेड़ौरी निवासी ऊषा देवी (35 वर्ष) पर बाघिन ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें दबोच ले गई। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात भर ग्रामीण खेतों और आसपास के इलाकों में महिला को खोजते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
सूचना पर वन विभाग की टीम ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन रात में महिला का कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह दोबारा तलाश शुरू की गई। इस दौरान ऊषा का अधखाया शव खेत में पड़ा मिला। शव की हालत देख ग्रामीणों का कलेजा कांप गया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।
सुबह खेत में मिला अधखाया शव, बाघिन के हमले की पुष्टि
अगली सुबह खेत में महिला का अधखाया शव पड़ा मिला। शव की हालत देखकर ग्रामीणों ने आशंका जताई कि महिला को बाघिन ने अपना शिकार बनाया है। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची। जांच में बाघिन के पंजों के निशान और घसीटने के प्रमाण मिले हैं, जिससे हमले की पुष्टि हुई।मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गांव महाराजनगर की ही रहने वाली छैलबिहारी की पत्नी गूंधनी देवी भी घटना के वक्त ऊषा देवी के साथ गईं थी ।
गूंधनी ने पूछताछ मे बताया कि गन्ने में छिपी बाघिन ने अचानक झपट्टा मारा और ऊषा को खींच ले गई। घबराईं गूंधनी देवी बदहवास हालत में भागीं। कुछ दूर पर ईंट की पथाई कर रहे मजदूरों के पास पहुंचकर बेहोश हो कर गिर गईं। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की परन्तु उसका कोई पता चला। रविवार सुबह खेत मे महिला का अधखाया शव मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उधर, रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बाघिन की गतिविधि को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ग्रामीणों में दहशत, खेतों में जाना बंद
घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। खासकर महिलाएं और बच्चे घरों में ही रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघिन को पकड़ने की मांग की है।भेड़ौरी गांव में बाघिन का यह पहला हमला नही है बल्की इससे पहले भी बाघिन कइयो की जान ली है,परन्तु इस हमले ने एक बार फिर लोगो के दिलो मे पुरानी दहशत को ताजा कर दिया है। प्र
धान प्रतिनिधि ध्रुव कुमार वर्मा ने बताया की करीब 20 वर्ष पहले भी शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने एक ग्रामीण पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। इसके बाद लंबे समय तक क्षेत्र में भय का माहौल रहा लेकिन समय के साथ हालात सामान्य हो गए थे। अब फिर से दूसरी बाघिन अपने शावकों के साथ क्षेत्र में मौजूद है।




