लखीमपुर खीरी में बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन ने ‘डीएम खीरी की पाठशाला’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जिले की 9 हजार बेटियों को ‘विद्या दायिनी पोटली’ वितरित की गई।यह पोटली परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को दी गई।
पोटली में मिली पढ़ाई की जरूरी सामग्री
विद्या दायिनी पोटली में व्हाइट बोर्ड कम स्टडी टेबल,कॉपी, पेंसिल, किताबें और अन्य शैक्षिक सामग्री दी गई, ताकि बेटियां घर पर भी आसानी से पढ़ाई कर सकें और उनका शैक्षिक स्तर बेहतर हो।
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को केवल स्कूल तक सीमित न रखकर घर में भी अध्ययन के लिए वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इससे बेटियां अपने घर में छोटी पाठशाला स्थापित कर सकेंगी और परिवार व आसपास के लोगों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करेंगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह पोटली जिले की हर बेटी तक पहुंचे।
घर-घर बन रहा पढ़ाई का माहौल
इस पहल के चलते ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेटियों की पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अब घरों में पढ़ाई का सकारात्मक माहौल बन रहा है, जिससे बेटियों का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि पहले चरण में कुल 9,000 पोटलियां 19 लाख 80 हजार रुपये की लागत से तैयार की गई हैं।
इनमें परिषदीय विद्यालयों की कक्षा 6, 7 और 8 की 6,798 टॉपर छात्राएं, ‘वाल ऑफ ड्रीम्स’ में चयनित 51 बालिकाएं और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की 2,151 छात्राएं शामिल हैं।राजापुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और विधायक सदर योगेश वर्मा ने छात्राओं को पोटली का वितरण किया। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि ‘विद्या दायिनी पोटली’ केवल फर्नीचर नहीं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
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