पुलिस मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तानी आतंकियों को होटल में ठहराने के मामले में गजरौला जप्ती गांव के जसपाल उर्फ सनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं, उसके साथ हिरासत में लिए गए दीपक और आईलेट संचालक गुरजीत सिंह को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
क्या है मामला?
नगर के हरजी होटल में आतंकियों को कमरा दिलाने में जसपाल की भूमिका सामने आई। होटल से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जसपाल और दीपक को गिरफ्तार किया गया। कमरे का किराया कम कराने में गुरजीत की भूमिका भी सामने आई, जिसे बाद में रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि जसपाल ने पूछताछ में इंग्लैंड में बैठे आतंकी मददगार सिद्धू की जानकारी दी। सिद्धू ने जसपाल को फोन कर होटल में कमरा बुक कराने को कहा और फर्जी आईडी भी भेजी। जसपाल को जेल भेजने के साथ पुलिस उसकी रिमांड की तैयारी कर रही है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
जसपाल और दीपक को गुरुवार रात हिरासत में लिया गया। जसपाल ने बताया कि आतंकियों ने नशे के कैप्सूल और होटल में खाना खाया था। किराया कम कराने के लिए गुरजीत सिंह को फोन किया गया था।

आतंकियों की गतिविधियां
तीनों आतंकियों ने मेडिकल स्टोर से नशे के कैप्सूल खरीदे और नजदीकी ढाबे पर खाना खाया। जसपाल ने होटल में कमरा बुक कराया, जहां आतंकी रुके। कैप्सूल और खाने का भुगतान आतंकियों ने किया।
गुरजीत और दीपक की रिहाई
गुरजीत और दीपक के घर लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। दोनों के परिवार ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को धन्यवाद दिया कि पूछताछ के दौरान उनके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं हुआ।
कौन है सिद्धू?
जसपाल के पिता ने बताया कि हरियाणा का कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू पहले गांव में रुका था। कोरोना काल में उसका गांव के लोगों से परिचय हुआ। वह विदेश भेजने वाले एजेंट का काम करता था।
पुलिस की जांच जारी
एसपी अविनाश पांडेय के नेतृत्व में 11 टीमें जांच में जुटी हैं। एटीएस और एनआईए की टीमें भी सक्रिय हैं। जसपाल से और भी कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
यह मामला आतंकी गतिविधियों के लिए स्थानीय मददगारों की भूमिका पर सवाल उठाता है। जसपाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई और सुराग मिलने की संभावना है।




