डीएम की फटकार के बाद तेज हुआ गोला कॉरिडोर का काम, श्रमिकों की संख्या बढ़ी,धीमी गति पर 5 करोड़ जुर्माने की तैयारी

गोला कॉरिडोर परियोजना के निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई है। निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर डीएम ने संबंधित निर्माण एजेंसी को फटकार लगाई और तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

गोला कॉरिडोर परियोजना पर डीएम की सख्ती

गोला गोकर्णनाथ स्थित पौराणिक शिव मंदिर में निर्माणाधीन कॉरिडोर के कार्य में लंबे समय से जारी धीमी प्रगति पर प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताई है। इसके साथ ही ठेकेदारों पर कार्रवाई और भारी जुर्माने की चेतावनी के बाद रविवार से निर्माण कार्य में तेजी देखने को पाई गई और श्रमिकों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

इसके साथ ही रविवार को कॉरिडोर के स्तंभों में राजस्थान से मंगाए गए सीएनसी पत्थर लगाने का कार्य भी शुरू किया जा चूका है। वहीं, वीआईपी मार्ग के द्वार और यात्री प्रतीक्षालय का फाउंडेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सरोवर के चारों ओर परिक्रमा पथ निर्माण के लिए भी श्रमिकों की संख्या बढ़ाई गई है। रिटेनिंग वॉल पर लाल पत्थर लगाने का काम जारी है, जबकि मंदिर के पीछे 11 छोटे मंदिरों का निर्माण कार्य भी तेज गति से चल रहा है।

5 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की तैयारी

निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा करीब 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। डीएम ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा न होने पर जुर्माना और ठेका निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

समिति द्वारा उपलब्ध बार-चार्ट के विश्लेषण में पाया गया कि अनुबंध के अनुसार कॉरिडोर निर्माण की पूर्णता तिथि 15 मार्च 2026 निर्धारित है, जबकि ठेकेदारों ने अगस्त 2026 तक कार्य पूर्ण करने का वर्क प्रोग्राम प्रस्तुत किया है, जो अनुबंध शर्तों का उल्लंघन है।

डीएम की फटकार के बाद कार्य में आई तेजी

डीएम की सख्ती के बाद निर्माण एजेंसी हरकत में आ गई है। मौके पर कार्य की गति बढ़ा दी गई है और मशीनों के साथ-साथ निर्माण सामग्री की आपूर्ति भी तेज कर दी गई है, ताकि कार्य जल्द पूरा किया जा सके।यह कार्रवाई जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद की गई है।

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में गठित समिति ने हाल ही में स्थलीय निरीक्षण किया था, जिसमें कार्य की भौतिक प्रगति अत्यंत धीमी और श्रमिकों की संख्या बेहद कम पाई गई थी। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था यूपी-पीसीएल के एपीएम भी मौजूद थे।

श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कराया जा रहा काम

कॉरिडोर कार्य को गति देने के लिए साइट पर श्रमिकों के साथ साथ मशीनो की भी संख्या भी बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त मजदूर लगाए जाने से काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रावण मास में गोलागोकर्णनाथ शिव मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये पहुंचते हैं।

यदि श्रावण मास से पहले कॉरिडोर का कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कार्यदायी संस्था यूपी-पीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर से स्पष्टीकरण तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम निर्माण कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए आवश्यक है।

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