बीबीएलसी इंटर कॉलेज खमरिया में बड़ी लापरवाही: एनसीसी भर्ती में शामिल छात्र का प्रवेश फार्म गायब, नामांकन से वंचित

Lakhimpur kheri News: मिली जानकारी के अनुसार कस्बा खमरिया स्थित एक इंटर कॉलेज में एनसीसी चयन प्रक्रिया के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहा एक ऐसे छात्र को चयन में शामिल कर लिया गया, जिसका कॉलेज में अब तक दाखिला ही नहीं हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि छात्र ने दौड़ में पहला स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद उसे ‘एक्सीलेंट’ का तमगा भी दिया गया। परन्तु जब यह सामने आया कि छात्र का नामांकन हुआ ही नहीं है, तो कॉलेज से लेकर एनसीसी विभाग तक हड़कंप मच गया।

क्या है पूरा मामला

आपकों बता दें कि क्षेत्र के प्रतिष्ठित बीबीएलसी इंटर कॉलेज खमरिया में एनसीसी भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक बहुत ही बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिससे छात्र सहित पूरे कॉलेज व एनसीसी विभाग तक हड़कंप मच गया बता दें कि छात्र अंकेश कुमार, जो एनसीसी में शामिल होने के उद्देश्य से कॉलेज में प्रवेश लेने गया था, अब अपने ही नामांकन को लेकर कॉलेज के चक्कर काट रहा है।

मैला मजरा कलुआपुर निवासी अंकेश ने बताया कि उसने कक्षा 11 में नामांकन के लिए कॉलेज में प्रवेश फार्म और फीस जमा की थी। उसने तीन सेट दस्तावेज तैयार कर एनसीसी ऑफिस में भी जमा किए और फार्म एएनओ (एनसीसी अधिकारी) अवनीन्द्र वर्मा को सौंपा। इसके बाद उसे एनसीसी की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए वाईडीसी कॉलेज, लखीमपुर बुलाया गया।

वाईडीसी कॉलेज में हुई दौड़ और लिखित परीक्षा

इसके साथ ही अंकेश की वाईडीसी कॉलेज में दौड़ और लिखित परीक्षा हुई जिसमें उसने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रभावित होकर एनसीसी अधिकारी अवनीन्द्र वर्मा और सीनियर कैडेट अनुराग ने उसकी टीशर्ट पर “एक्सीलेंट” लिखकर उसका उत्साह बढ़ाया। अंकेश का मानना था कि उसका एनसीसी में चयन तय है।

परन्तु जब उसने अगली दिन सुबह वह वापस बीबीएलसी कॉलेज पहुंचा तो उसे बताया गया कि उसका नामांकन कॉलेज में हुआ ही नहीं है। यह सुनते ही छात्र के मानो पेरो तले जमीन ही खिसक गई, उसने जब एएनओ और प्रधानाचार्य से संपर्क किया, तो न तो उसे संतोषजनक जवाब मिला, न ही उसका प्रवेश सुनिश्चित किया गया।

मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर की माग

आखिरकार निराश होकर अंकेश ने अब मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई है, और उसने मांग की है कि दोषी कर्मचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उसका भविष्य सुरक्षित किया जाए।यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का भी गंभीर संकेत है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है।

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