प्रदेशभर में कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली श्रेणी की दवाओं के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को लखीमपुर खीरी में बड़ी कार्रवाई हुई। औषधि विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ छापेमारी करते हुए करीब 70 लाख रुपए मूल्य की ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद की हैं।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम
गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने एजेंसी के प्रोपराइटर सरोज कुमार मिश्रा, पुत्र सोबरन लाल मिश्रा के आवास पर भी छापेमारी की। वहां मकान के भू-तल पर शटरयुक्त दुकान में भारी मात्रा में नशीली दवाएं बिना किसी लाइसेंस के भंडारित पाई गईं।
जांच में टीम ने ट्रामाडोल कैप्सूल की चार अलग-अलग बैचों में कुल 37 बॉक्स (6,31,629 कैप्सूल) बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग ₹69,87,960 आंकी गई है। टीम ने सभी बैचों के चार नमूने जांच और विश्लेषण के लिए संग्रहित कर लिए हैं। मौके से बरामद दवाओं को सील कर जब्त कर लिया गया।
एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज
अवैध दवाओं की बरामदगी के बाद अभियुक्त सरोज कुमार मिश्रा के खिलाफ NDPS Act की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत भी दोषियों के खिलाफ अदालत में परिवाद दाखिल किया जाएगा।लखनऊ की औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई हुई है।
औषधि निरीक्षक बबिता रानी (लखीमपुर खीरी), अनीता कुरील (सीतापुर) और स्वागतिका घोष (हरदोई) की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई की। टीम ने पहले गोला गोकर्णनाथ स्थित मेसर्स पियूष मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा। यह फर्म थोक और फुटकर दवा विक्रय के लाइसेंस के तहत संचालित थी, जो लखनऊ से चल रही थी।
प्रदेश में लगातार अभियान जारी
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह के अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से उन गिरोहों पर लगाम लगेगी जो मेडिकल एजेंसियों के नाम पर नशे का अवैध कारोबार फैला रहे हैं।
सहायक आयुक्त (औषधि), लखनऊ मण्डल, लखनऊ बृजेश यादव, ने बताया कि ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि अवैध दवा व्यापार को जड़ से खत्म किया जा सके।




