निघासन। क्षेत्र में बैंक लोन के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि नेपाल निवासी युवक ने स्थानीय लोगों और बैंक के पैनल अधिवक्ता व तत्कालीन शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और 70 वर्षीय किसान के खाते से लाखों रुपये का कर्ज निकाल लिया।पीड़ित को तब जानकारी हुई जब खाते से भारी रकम निकलने का मैसेज आया।
फर्जी कागज़ात बनाकर किया गया ट्रांजैक्शन
जांच में सामने आया कि जालसाजों ने पीड़ित के नाम पर नकली पहचान पत्र और कागज़ात तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों की मदद से वे बैंक प्रक्रियाएं पूरी कर पैसे निकालने में सफल रहे।पुलिस ने पैनल अधिवक्ता व शाखा प्रबंधक सहित आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आजमगढ़ जिले के गांव शिवपुर निवासी किसान सीताराम ने बताया कि तहसील धौरहरा के गांव गौढ़ी में उनकी कृषि योग्य जमीन है। पैसों की आवश्यकता होने पर जब उन्होंने ऑनलाइन खतौनी निकलवाई तो पता चला कि उनकी जमीन पर बैंक ऑफ बड़ौदा निघासन शाखा से 18,89,000 रुपये का कर्ज है।किसान का आरोप है कि नेपाल निवासी मैकू, बबुरी निवासी नंदलाल, वीरेंद्र, मिनाज अहमद, प्रदीप साहनी और अनवर के साथ मिलकर बैंक के पैनल अधिवक्ता ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करवाए।
बैंक व साइबर टीम आरोपियों की तलाश में जुटी
रकम गायब होने का पता चलते ही पीड़ित ने थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर मामले को साइबर सेल को सौंपा, ताकि तकनीकी जांच तेजी से हो सके।बैंक अधिकारियों ने संदिग्ध लेन-देन की डिटेल उपलब्ध कराई है। साइबर टीम ट्रांजैक्शन के रूट की जांच कर रही है, ताकि पैसे किस खाते में गए और जालसाज कौन हैं, इसका पता लगाया जा सके।तत्कालीन शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से जमीन पर कर्ज स्वीकृत कराया गया और पूरी रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर करके हड़पevली गई।
पीड़ित के अनुसार, मुख्य आरोपी नंदलाल ने 10 जून को बैंक में लिखित प्रार्थना पत्र देकर 30 जून तक पूरा पैसा लौटाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन बाद में वह मुकर गया।इतना ही नहीं, आरोपियों ने जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी तक दी। पीड़ित किसान ने रजिस्टर्ड डाक से एसपी संकल्प शर्मा को शिकायत भेजी। इसके बाद निघासन पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर तीन अभियुक्तों को जेल भेज दिया है।




