लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में गोला-लखीमपुर बस का किराया 4 रुपए बढ़कर 58 रुपए हो गया है। यह वृद्धि फरधान में टोल टैक्स वसूली शुरू होने के कारण हुई है। इसी के विरोध में बाथम वैश्य महासभा के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी युगांतर त्रिपाठी के माध्यम से सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक ज्ञापन सौंपा है।
टोल टैक्स वसूली को लेकर विरोध
स्थानीय लोग और यात्रियों ने टोल टैक्स वसूली को लेकर विरोध शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि बार-बार टोल टैक्स बढ़ाने से यात्रियों और परिवहन व्यवसाय दोनों पर दबाव बढ़ रहा है। वे किराया वृद्धि को अनुचित मान रहे हैं।ज्ञापन में बताया गया है कि नेशनल हाईवे 730 पर गोला-लखीमपुर के बीच फरधान में टोल टैक्स की वसूली शुरू हो गई है।
जबकि दोनों ओवरब्रिज अधूरे हैं और सर्विस रोड की खराब स्थिति के कारण धूल उड़ती रहती है। महासभा ने पूरनपुर से फरधान तक 75 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा के संचालन को आम जनता पर बोझ बताया है।
वैश्य समाज का ज्ञापन और टोल बंद करने की मांग
वैश्य समाज ने इस बढ़ोतरी के खिलाफ संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने टोल टैक्स वसूली को बंद करने की मांग की है ताकि यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े और बस किराया स्थिर रहे।उन्होंने मांग की है कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता और नेशनल हाईवे पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाता।
तब तक टोल प्लाजा को बंद किया जाए। पदाधिकारियों का कहना है कि जिस प्रकार टोल टैक्स लिया जा रहा है, उस प्रकार जनता को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
भविष्य की संभावना और प्रशासन की भूमिका
इस मामले में स्थानीय प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वे यात्रियों की समस्याओं को समझते हुए टोल टैक्स वसूली और किराया वृद्धि पर संज्ञान लेंगे। प्रशासन द्वारा समाधान के लिए कदम उठाए जाने की संभावना है।
इस टोल टैक्स वृद्धि के कारण गोला से लखीमपुर चलने वाली रोडवेज बस के किराये में भी वृद्धि हुई है। पहले यह किराया 54 रुपये था, जो अब 4 रुपये बढ़कर 58 रुपये हो गया है। स्थानीय लोगों में इस किराये वृद्धि को लेकर आक्रोश है।




