Lakhimpur Kheri News: बेहजम मे पशु चिकित्सक की लापरवाही से भैंस की जान गई, इलाज के नाम पर पैसे लेने का आरोप

बेहजम क्षेत्र में एक पशु चिकित्सक के कथित गलत इलाज से भैंस की मौत हो गई। पशुपालक के अनुसार भैंस बीमार थी, जिसके इलाज के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया था, लेकिन बिना सही जांच के दवाएं और इंजेक्शन लगाए गए, जिससे भैंस की हालत बिगड़ती चली गई।

इलाज के नाम पर पैसे लेने का आरोप

पीड़ित पशुपालक ने आरोप लगाया कि पशु चिकित्सक ने इलाज के एवज में पैसे भी लिए, इसके बावजूद भैंस को कोई फायदा नहीं हुआ। भैंस दूध देने वाली थी और उसकी मौत से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।पीड़ित महिला रामप्यारी शर्मा ने इस संबंध में पुलिस चौकी प्रभारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है।पीड़ित महिला रामप्यारी शर्मा ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी भैंस ने कल शाम से चारा खाना बंद कर दिया था।

इसके बाद उन्होंने बेहजम पशु चिकित्सालय में कार्यरत एक डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर उनके घर पहुंचे और भैंस की जांच की।बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने भैंस को गलत दवा का डबल डोज दिया और इलाज के लिए 700 रुपये मांगे। रामप्यारी ने बताया कि वह इतनी राशि एक साथ देने में असमर्थ थीं।इसके बाद, डॉक्टर कथित तौर पर आधा अधूरा इलाज कर वहां से चले गए। इंजेक्शन लगाने के लगभग 10 मिनट बाद ही भैंस की हालत और बिगड़ गई।

ग्रामीणों में रोष, कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों और पशुपालकों में गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि यह साफ तौर पर लापरवाही का मामला है। ग्रामीणों ने दोषी पशु चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।जैसे ही भैस की हालत बिगड़ने लगी तो रामप्यारी ने डॉक्टर से दोबारा फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, परन्तु उनसे बात नहीं हो पाई।

जब वह पशु चिकित्सालय गईं, तो उन्हें बताया गया कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। रामप्यारी का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण उनकी भैंस की मृत्यु हो गई।जानकारी के अनुसार, डॉक्टर ने रामप्यारी के मोहल्ले में एक और पशु का इलाज किया था, जिसकी भी इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद मृत्यु हो गई थी। इस मामले में भी पशुस्वामी न्याय की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन से जांच की मांग

मामले को लेकर संबंधित विभाग और प्रशासन से जांच कराने की मांग उठ रही है। पशुपालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।घटना के बाद पशुपालक और ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो भैंस की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने और दोषी पशु चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग उठ रही है। पशुपालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।पुलिस चौकी प्रभारी सिद्धांत पवार ने बताया कि पीड़ित महिला ने प्रार्थना पत्र दिया है। मामले की जांच की जाएगी और डॉक्टर पर लापरवाही से इलाज करने के आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

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