गोला गोकर्णनाथ (खीरी) में राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर किसानों और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक गन्ना भुगतान और अन्य मांगों को लेकर हुई, जिसमें सहकारी गन्ना विकास समिति के प्रांगण में किसान शक्ति संगठन के सदस्यों ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक का आयोजन कोतवाल चंद्रशेखर सिंह के प्रयासों से किया गया।
गन्ना भुगतान: किसानों की प्राथमिक मांग
बैठक में किसान शक्ति संगठन के अध्यक्ष श्री कृष्णा वर्मा ने गन्ना भुगतान में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी से किसानों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस पर सहमति बनी कि 24 दिसंबर तक 10 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही प्रशासन ने भविष्य में समय पर भुगतान का वादा किया।
प्रशासनिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी
इस बैठक में एसडीएम विनोद गुप्ता और जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह को आमंत्रित किया गया था, लेकिन दोनों अधिकारी अनुपस्थित रहे। डीएसओ ने अपनी अनुपस्थिति का कारण सरकारी व्यस्तता बताया, जबकि एसडीएम का कोई उत्तर नहीं आया। इससे किसानों में नाराजगी देखने को मिली।

धरना स्थगित: आश्वासन के साथ
कोतवाल चंद्रशेखर सिंह ने किसानों को समझाते हुए धरना स्थगित करने का आग्रह किया। किसानों ने प्रशासन के आश्वासन पर विश्वास जताते हुए फिलहाल धरना स्थगित कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भुगतान समय पर नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को फिर से शुरू करेंगे।
चीनी मिल प्रबंधन की भूमिका
बैठक में चीनी मिल प्रबंधन भी शामिल था। किसानों ने उनसे गन्ना भुगतान में देरी का कारण पूछा। प्रबंधन ने जानकारी दी कि पिछले सत्र का 50 करोड़ रुपये का बकाया जनवरी तक चुकाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चालू सत्र का भुगतान भी समय पर होगा।
आगे की कार्यवाही
बैठक के अंत में किसान शक्ति संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 24 दिसंबर तक गन्ना भुगतान नहीं हुआ, तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। संगठन के सदस्यों ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाया जाएगा।
निष्कर्ष: किसानों की उम्मीदें
राष्ट्रीय किसान दिवस पर हुई यह बैठक किसानों के लिए महत्वपूर्ण रही। गन्ना भुगतान की समस्या का समाधान करने के लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं, लेकिन इन्हें समय पर लागू करना भी जरूरी है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन अपने वादे निभाएंगे, जिससे उनका विश्वास बना रहे।
यह बैठक न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह उनके अधिकारों की रक्षा का भी प्रयास है। समय पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित करना हर किसान का हक है।




