शहर में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों ने प्रस्तावित यूजीसी बिल के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों के विरोध में मंगलवार को सवर्ण समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमों को वापस लेने की मांग उठाई।
लखीमपुर खीरी में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। बृहस्पतिवार को विभिन्न ब्राह्मण संगठनों और सवर्ण समाज के लोगों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमों को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल संगठनों के पदाधिकारियों का कहना था कि यूजीसी के नए नियम समाज हित के खिलाफ है और इसे जबरन थोपा जा रहा है। समाज के लोगों ने इसे ‘काला कानून’ बताते हुए कहा कि सरकार अपनी मनमानी नीतियों को जनता पर थोपने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को सौंपकर मांग की कि नए नियमों को तत्काल वापस लिया जाए। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि नए नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन प्रावधानों को भेदभावपूर्ण बताते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की।जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेते हुए आश्वासन दिया कि मांगों को शासन स्तर तक भेजा जाएगा।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सभी वर्गों को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने नए नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए सरकार से इन्हें वापस लेने या संशोधित करने की मांग की।
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