लखीमपुर खीरी में वाल्मीकि शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ वाल्मीकि आश्रम गौटईया बाग, गोला रोड से हुआ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता कुमारी ने भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाई।
शोभायात्रा का भव्य शुभारंभ
लखीमपुर खीरी में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा वाल्मीकि आश्रम, गौटइया बाग, गोला रोड से आरंभ हुई। शोभायात्रा का शुभारंभ उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य सुनीता कुमारी ने भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।
यह शोभायात्रा वाल्मीकि आश्रम गोला रोड से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें गोला रोड रेलवे क्रॉसिंग, संकटा देवी, प्राचीन वाल्मीकि मंदिर संकटा देवी के निघासन रोड, मेला मैदान, आनंद टॉकीज रोड, इमली चौराहा, मिश्राना चौराहा, मेनरोड, श्रीराम चौराहा, चूना मंडी और सराफा बाजार जैसे क्षेत्र शामिल थे।
श्रद्धालुओं का उत्साह और पुष्पवर्षा
यात्रा के मार्ग में मौजूद स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। वातावरण ‘जय श्री वाल्मीकि’ के नारों से गूंज उठा। हर उम्र के लोग इस धार्मिक उत्सव में बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ शामिल हुए।शोभायात्रा संकटा देवी से होते हुए पुनः वाल्मीकि आश्रम गौटईया बाग पहुंची, जहाँ महाआरती के साथ इसका समापन हुआ।
वाल्मीकि मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सचिन वाल्मीकि और अनुराग बासू ने बताया कि विशाल शोभायात्रा में कई मनमोहक झांकियां शामिल थीं। इनमें लव कुश, अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा, भगवान वाल्मीकि, सीता माता और शंकर पार्वती के रथ पर आधारित झाँकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
आकर्षक झांकियाँ बनीं केंद्रबिंदु
शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि, लव-कुश, माता सीता, भगवान शिव-पार्वती, और अश्वमेध यज्ञ के प्रतीकात्मक घोड़े की भव्य झांकियाँ प्रस्तुत की गईं। इन झांकियों ने दर्शकों को संस्कृति और धर्म की झलक से भावविभोर कर दिया।
इस शोभायात्रा में महंत आजाद भारती, संरक्षक जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष सचिन वाल्मीकि, उपाध्यक्ष नानक चंद, परमेंद्र वाल्मीकि, हिमांशु कुंवर विकेंस, चंदन लाल, अशोक वाल्मीकि, कमलेश, नरेश निराला, राजेश तिवारी, रमेश वाल्मीकि, अरुण, लकी, सुरेंद्र सुहाना, ध्रुव, अमन, अंकित और प्रीत सहित सैकड़ों महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन महाआरती और सामाजिक संदेश के साथ
शोभायात्रा का समापन वाल्मीकि आश्रम में महाआरती के साथ हुआ। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य ने समाज में समानता, सम्मान और भाईचारे का संदेश दिया। आयोजन में स्थानीय प्रशासन, गणमान्य नागरिक और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
यात्रा में अश्वमेघ यज्ञ का प्रतीकात्मक घोड़ा, विभिन्न धार्मिक झांकियाँ, ढोल-नगाड़े, और पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवा-युवतियाँ शामिल थीं। इस आयोजन ने स्थानीय संस्कृति, आस्था और एकता की भावना को उजागर किया।
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