लखीमपुर खीरी के मैगलगंज क्षेत्र में औरंगाबाद चौराहे पर एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। 73 वर्षीय बुजुर्ग राजपाल सिंह ने दावा किया है कि बाइक सवार लुटेरों ने दिनदहाड़े उनसे 29 हजार रुपये लूट लिए। इस घटना ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया। वहीं, पुलिस ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना कैसे हुई?
ढखौरा गांव निवासी राजपाल सिंह के मुताबिक, गुरुवार को वह औरंगाबाद चौराहे से होकर गुजर रहे थे। उन्होंने अपनी सदरी की जेब में 29 हजार रुपये रखे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो लुटेरों ने उनकी जेब से रुपये निकाल लिए और तेजी से फरार हो गए। राजपाल सिंह ने अपनी पूरी ताकत लगाकर लुटेरों का पीछा किया, लेकिन वह उनका पीछा करने में नाकाम रहे।
पुलिस पर सवाल उठाए गए
राजपाल सिंह ने घटना के तुरंत बाद औरंगाबाद चौकी में शिकायत दर्ज कराई। चौकी प्रभारी अनूप मिश्रा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बैंक में जाकर तफ्तीश की। इसके बावजूद पुलिस ने इस घटना को संदिग्ध करार दिया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पुलिस को पूरी जानकारी दी थी, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा।
सीसीटीवी फुटेज की जांच
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि फुटेज के जरिए लुटेरों की पहचान और घटना की सच्चाई का पता लगाया जा सकता है। चौकी प्रभारी का कहना है कि अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे घटना की पुष्टि की जा सके।
शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी
पीड़ित राजपाल सिंह ने बताया कि पहले उन्होंने चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन उन्हें बाद में थाने जाने और दोबारा तहरीर देने को कहा गया। इससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा। बुजुर्ग ने बार-बार अपील की कि उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाए।
सीओ ने दिए कार्रवाई के निर्देश
सीओ मितौली शमशेर बहादुर सिंह ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने मैगलगंज पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने और जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पीड़ित को विश्वास दिलाया है कि दोषियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े ऐसी घटनाएं होना चिंताजनक है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद लुटेरे पकड़े जा सकते थे।
क्या है आगे की राह?
पुलिस जांच के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की जांच इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकती है। पीड़ित बुजुर्ग को न्याय मिलेगा या यह मामला यूं ही दब जाएगा, यह समय ही बताएगा।
यह घटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है और लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।




