उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के 246 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोड़ा जाएगा।इसका उद्देश्य है ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों, तहसीलों और ज़िला मुख्यालयों से बेहतर परिवहन सुविधा देना।इससे ग्रामीणों को शहर, तहसील, बाजार, अस्पताल और स्कूल-कॉलेज तक आना-जाना आसान हो जाएगा।
क्या है यह नई सुविधा?
मिली जानकारी के अनुसार यूपी के लखीमपुर खीरी में 246 गांवों को जल्दी ही एक बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। इसके लिए जिले के अफसरों ने लखनऊ के उच्चाधिकारियों को पूरी रिपोर्ट तैयार करके भेज दी है।
दरअसल रोडवेज निगम बस सुविधा को गांव गांव पहुंचाने जा रहा है। इसके चलते लखीमपुर डिपो ने जिले में 246 गांवों को जोड़ने के लिए 13 नये बस रूटों का सर्वे किया था। सर्वे टीम ने अपनी रिर्पोट एआरएम के जरिए लखनऊ उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। इन नये रूटों पर निगम अनुबंधित बस चलाने की तैयारी में है।
लखनऊ अफसरों को भेजी गई रिपोर्ट?
हरदोई रीजन के आरएम इंजी. रमेश कुमार ने बताया कि गांवों को बस सुविधा से जोड़ने को लेकर 13 नये रूटों पर अनुबंधित बसों को चलाने की तैयारी में है। लखीमपुर डिपो की टीम ने जिलेभर में 13 नये रूटों का सर्वे किया था। इससे जिले के करीब 246 गांव बस सुविधा से जुड़ जाएगे। इनमें फूलबेहड़ क्षेत्र, बिजुआ, अलीगंज, नीमगांव, कस्ता मितौली, बड़ागांव, नकहा सकेथू क्षेत्र के तमाम गांवों को बस सुविधा मिल सकेगी।
उस समय के एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने सर्वे की रिर्पोट को अधिकारियों के पास भेज दिया गया था। अधिकारी तय करेंगे इन नये 13 बस रूटों पर निगम की बसें चलेगी या अनुबंधित बसों को चलाया जाएगा। बहरहाल जल्द ही जिले के 246 गांव रोडवेज की बस सेवा से जुड़ जायेंगे।
कौन-कौन से गांव और रूट होंगे शामिल?
सर्वे के अनुसार, कई मुख्य रूटों पर गांवों को जोड़ने की तैयारी है:
रूट 1: लखीमपुर → फूलबेहड़ → पतरासी — 15 गांवरूट 3: लखीमपुर → लहबड़ी → लखनऊ — 16 गांवरूट 4: गोला → सीतापुर वाया नीमगांव — 35 गांवरूट 9: लखीमपुर → सिसैया → दुर्गांपुर → लखनऊ — 44 गांवरूट 10: लखीमपुर → भंसड़िया → देवकली → अलीगंज → बिजुआ — 33 गांवइनके अलावा अन्य रूटों से 5 से 20 गांव और जुड़ेगे।
लोगों को क्या फायदा होगा?
ग्रामीणों को अब तहसील, जिला, कॉलेज, अस्पताल, बाज़ार आदि जाने के लिए आसान और सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी।इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बढ़ेगी।जिन गांवों में अभी तक कोई भी परिवहन सुविधा नहीं थी, उन्हें मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा।इन सभी रूटों का सर्वे रोडवेज विभाग द्वारा पूरा किया गया है।
रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ के उच्च अधिकारियों को भेजी गई है, ताकि मंज़ूरी मिलने के बाद इस योजना को ज़मीन पर उतारा जा सके।अब निर्णय लिया जाएगा कि इन रूटों पर सरकारी रोडवेज बसें चलाई जाएँगी या अनुबंधित (प्राइवेट) बसों का उपयोग होगा।
यह भी पढ़े 👉👉Lakhimpur Kheri News: फूलबेहड़ क्षेत्र के कोड़री गांव में ईदगाह पर खुराफाती ने की तोड़फोड़, माहौल बिगड़ने की आशंका




