गैंगस्टर रामचंद्र की पुलिस हिरासत में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना में निघासन थाने के दो सिपाही अमित और पिंकू को लाइनहाजिर कर दिया गया है। साथ ही धौरहरा सीओ पीपी सिंह और मझगईं इंस्पेक्टर दयाशंकर द्विवेदी की भूमिका की जांच शुरू हो गई है।
क्या है मामला?
हुलासीपुरवा गांव के निवासी रामचंद्र को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। हिरासत में पूछताछ के दौरान रामचंद्र की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
दो सिपाही लाइनहाजिर क्यों?
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पवन गौतम ने बताया कि निघासन थाने के सिपाही अमित और पिंकू सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे और रामचंद्र को गिरफ्तार किया था। उनकी भूमिका पर सवाल उठते हुए उन्हें लाइनहाजिर कर दिया गया है।
लाठीचार्ज और धमकी की जांच:
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लौटते समय बम्हनपुर चौराहे पर ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का मामला भी गरमाया हुआ है। मझगईं प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर द्विवेदी और सीओ धौरहरा पीपी सिंह के धमकी भरे बयान के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इन वीडियो की जांच चल रही है।
जांच जारी:
एएसपी पवन गौतम ने कहा कि सभी आरोपों और वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की मांग:
इस घटना ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं।




