लखीमपुर खीरी के पलिया कस्बे में स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में 24 दिसंबर 2024 को एक गंभीर घटना घटी, जिसने स्थानीय समुदाय में हड़कंप मचा दिया। गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सचिव कमलजीत सिंह पर एक व्यक्ति ने रिवाल्वर से फायरिंग की और तलवार से हमला करने का प्रयास किया। यह घटना गुरुद्वारे के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
घटना का विवरण
गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सचिव कमलजीत सिंह के अनुसार, गुरुद्वारे में निर्माण कार्य शुरू होना है, जिसके लिए स्टोर रूम को कार्यालय में परिवर्तित किया गया है। इस परिवर्तन से एक पूर्व किराएदार नाराज था, जिसकी किरायेदारी की अवधि समाप्त हो चुकी थी। 24 दिसंबर की सुबह, जब कमलजीत सिंह गुरुद्वारे में मत्था टेककर बाहर निकले, तो आरोपी परमजीत सिंह उर्फ पम्मी ने उन पर लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर किया। सौभाग्यवश, कमलजीत सिंह इस हमले में बाल-बाल बच गए। इसके बाद आरोपी ने तलवार निकालकर हमला करने का प्रयास किया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी परमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। कमलजीत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आरोपी स्टोर रूम में दुकान चला रहा था और कार्यालय बनाए जाने से नाराज था। वह स्टोर की चाबियां मांग रहा था और इसी विवाद के चलते उसने हमला किया।
सिख समुदाय का विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारा परिसर में एकत्रित हो गए और धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसका लाइसेंस जब्त किया जाए। पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही समुदाय ने धरना समाप्त किया।
सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुद्वारा जैसे पवित्र स्थल पर इस प्रकार की हिंसा निंदनीय है और प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए गुरुद्वारा परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
समुदाय में भय का माहौल
इस घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि गुरुद्वारा जैसे पवित्र स्थल पर इस प्रकार की घटना अस्वीकार्य है और प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।




