लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में श्री हरिद्वारी वैश्य समिति के चुनाव को लेकर उस समय विवाद खड़ा हो गया,जब निर्विरोध चयन प्रक्रिया के बीच, गोला निवासी अनूप गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अध्यक्ष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इसके बाद मामला कोतवाली पहुंचा, जहां अनूप गुप्ता ने अध्यक्ष और महामंत्री से अपनी जान को खतरा बताते हुए तहरीर दी है।
सोशल मीडिया टिप्पणी से बढ़ा विवाद
मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर दोनों पक्षों में नाराजगी बढ़ी। आरोप है कि टिप्पणी से समिति की छवि धूमिल करने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इसी को लेकर कुछ सदस्यों ने कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दी।
अनूप गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि समिति के महामंत्री अविनाश गुप्ता ने उन्हें फोन पर जबरन माफी मांगने का दबाव बनाया। माफी मांगने से इनकार करने पर अविनाश गुप्ता ने झूठा मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी दी। पीड़ित का दावा है कि इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है।
निष्पक्ष जांच की मांग
अनूप गुप्ता के अनुसार, कुछ समय बाद अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता ने अविनाश गुप्ता को विकास चौराहा स्थित उनके प्रतिष्ठान पर भेजा, जहां सार्वजनिक रूप से उन्हें डराया-धमकाया गया। पीड़ित ने प्रशासन को लिखित प्रार्थना-पत्र देकर इस मामले की अच्छे से जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।वहीं, दूसरे पक्ष से अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता का कहना है कि सबसे पहले अनूप गुप्ता ने उनके फोटो पर ‘मुर्दाबाद’ लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी, तो अनूप गुप्ता झूठी कहानियां बना रहे हैं। कृष्ण कुमार गुप्ता ने अनूप गुप्ता से अपने साक्ष्य पुलिस के सामने पेश करने को कहा है।साथ ही शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों से समाज में गलत संदेश जाता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बता दे कि ज्ञात हो कि 5 दिसंबर को आयोजित चुनाव में अध्यक्ष और महामंत्री पद पर किसी भी सदस्य द्वारा नामांकन न कराने के कारण पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता को पुनः अध्यक्ष तथा अविनाश गुप्ता को महामंत्री पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था। इस उपलक्ष्य में 10 दिसंबर को मिल रोड स्थित हरिद्वारी वैश्य समिति धर्मशाला में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था, जिसके बाद से यह विवाद और गहराता जा रहा है।




