Lakhimpur Kheri News : लखीमपुर खीरी का स्वर्णिम अध्याय: “तराई की मिट्टी” महोत्सव और नई उड़ान

लखीमपुर खीरी का वर्ष 2024 हमेशा के लिए जिले के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल की पहल पर आयोजित “तराई की मिट्टी” महोत्सव और नई उपलब्धियों ने खीरी को न केवल राज्य बल्कि देशभर में पहचान दिलाई।

“तराई की मिट्टी” महोत्सव: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव

जिले में पहली बार लखीमपुर महोत्सव-24 का आयोजन भव्यता और नवीनता के साथ किया गया। यह आयोजन एक नई परंपरा के रूप में सर्किट फेस्ट की अवधारणा पर आधारित था। चार दिवसीय इस महोत्सव में दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर, कोटवारा, छोटी काशी गोला और ओयल में कार्यक्रम आयोजित हुए।

महोत्सव की थीम “तराई की मिट्टी का उत्सव” ने जिले की सांस्कृतिक, प्राकृतिक, और ऐतिहासिक विरासत को उजागर किया। महोत्सव के माध्यम से खीरी की लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, और स्थानीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास सफल रहा।

लखीमपुर खीरी का स्वर्णिम अध्याय

छोटी काशी कॉरिडोर: रोजगार और श्रद्धालुओं के लिए सौगात

69.15 करोड़ रुपये की लागत से छोटी काशी (गोला शिव मंदिर) में पर्यटन विकास कार्य शुरू हुआ। इस परियोजना से न केवल स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी बल्कि श्रद्धालुओं को एक नई आध्यात्मिक अनुभूति भी मिलेगी। कॉरिडोर का निर्माण जिले को धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर एक नई ऊंचाई देगा।

हवाई सेवा की सौगात: दुधवा को नई उड़ान

जिले की ऐतिहासिक हवाई पट्टी पर लखनऊ-दुधवा वायुसेवा की शुरुआत ने खीरी को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाई दी। यह सेवा पर्यटकों के लिए दुधवा नेशनल पार्क को और अधिक सुलभ बनाएगी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने इस सेवा का उद्घाटन कर जिले को यह बहुमूल्य तोहफा दिया।

फ्लाईओवर निर्माण: यातायात को मिलेगी रफ्तार

लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर ₹297 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर और पुलों का निर्माण जिले की समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। ये परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि जिले को विकास की मुख्यधारा से भी जोड़ेंगी।

शक्ति वंदन समारोह: बेटियों का सम्मान

दुर्गाष्टमी के अवसर पर लखीमपुर खीरी में 1100 बेटियों का कन्या पूजन “शक्ति वंदन” समारोह के रूप में आयोजित किया गया। जिलाधिकारी की अभिनव पहल पर इन बेटियों को बैग, टिफिन, बोतल, स्टील की प्लेट, दीवार घड़ी और एनीमिया चार्ट जैसे उपयोगी उपहार प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम बालिका शिक्षा और उनके महत्व को उजागर करता है।

डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल की पहल: विकास की नई सोच

डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल की नेतृत्व क्षमता और अनूठी पहल ने खीरी जिले को विकास के एक नए पथ पर अग्रसर किया है। चाहे वह लखीमपुर महोत्सव-24 हो, छोटी काशी कॉरिडोर का निर्माण हो, या वायुसेवा की शुरुआत, उनकी दूरदर्शी सोच ने जिले के हर क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है।

लखीमपुर महोत्सव: जनता के दिलों में अमिट छाप

लखीमपुर महोत्सव ने न केवल जिले की पहचान को मजबूती दी बल्कि जिलेवासियों के दिलों में इसे एक यादगार आयोजन के रूप में दर्ज किया। यह आयोजन जिले की विरासत को देश और दुनिया तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बना।

निष्कर्ष

लखीमपुर खीरी का 2024 का वर्ष विकास, नवाचार, और परंपरा के मेल का वर्ष रहा। “तराई की मिट्टी” महोत्सव और अन्य विकास परियोजनाओं ने जिले को एक नई दिशा दी है। आने वाले वर्षों में यह जिले के विकास की नींव साबित होगा।

लखीमपुर खीरी की यह कहानी प्रेरणादायक है और अन्य जिलों के लिए एक उदाहरण पेश करती है।

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