लखीमपुर खीरी जिले में महिलाओं की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सभी थानों पर तैनात महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) नंबर प्रदान किए गए हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से अब किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं और छात्राएं सीधे महिला हेल्प डेस्क प्रभारी से संपर्क कर सकेंगी।
112 और 1090 पर निर्भरता होगी कम
एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि इस नई व्यवस्था से 112 और 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबरों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा। साथ ही, शिकायत सीधे थाने के स्तर पर पहुंचने से कार्रवाई में देरी नहीं होगी।अगर देखा जाए तो पहले छात्राओं व महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं के दौरान पीड़िता 1090 पर कॉल करती थीं। इस दौरान कॉलर की बात पुलिसकर्मियों तक पहुंचाने में कुछ समय लग जाता था और अपराधी अपराध करने के बाद भाग जाता था।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए एडीजी ने थानों पर बने महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों को सीयूजी नंबर जारी करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद सभी 28 थानों पर यह नंबर जारी कर दिए गए हैं। कहा कि स्कूटी शासन से ही एलाॅट होगी। अगर यहां आएगी तो निश्चित तौर पर प्रभारियों को दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इस साल मिशन शक्ति केंद्रों की सुविधाओं में पहले से ज्यादा इजाफा किया जाएगा।
कम होगा 112 का कार्य, त्वरित मिलेगा न्याय
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और शिकायतों का त्वरित व प्रभावी निस्तारण संभव हो सकेगा। जिले के सभी थानों पर यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।अगर देखा जाए तो अभी तक हेल्प डेस्क की प्रभारी अपना नंबर प्रयोग करती थीं। ऐसे में कई बार तमाम समस्याओं का सामना भी करना पड़ता था।
अवकाश पर होने के चलते सूचना अदान प्रदान में काफी दिक्कतें होती थीं। इन्हीं समस्याओं को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। एसपी का कहना है कि सीयूजी नंबर जारी होने के बाद 112 के कर्मचारियों का कार्य भी कम हो सकेगा। महिला डेस्क प्रभारी स्वयं से निर्णय ले सकेंगी।यह कदम महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की एक अहम पहल माना जा रहा है, जिससे जिले में महिलाओं का भरोसा पुलिस व्यवस्था पर और मजबूत होगा।
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