लखीमपुर खीरी जिले के निघासन तहसील स्थित ग्रंट नंबर 12 गांव में शारदा नदी के तेज कटाव के कारण एक मकान आंखों के सामने नदी में समा गया। घटना के समय एक युवती घर के बाहर खड़ी थी, जिसने स्थिति को भांपते हुए दौड़कर अपनी जान बचाई। यह दृश्य इतना भयावह था कि गांव वालों में दहशत फैल गई।
12 घंटे में 10 और घर नदी में समाए, 101 मकान हो चुके तबाह
बीते 12 घंटे में शारदा नदी के निरंतर कटाव के कारण और 10 मकान नदी की तेज धार में समा गए। अब तक कुल 101 घर पूरी तरह नदी में विलीन हो चुके हैं। कटाव से दो प्राचीन मंदिर, सड़कों और बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन द्वारा राहत की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग तेज हो गई है।
बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार सुबह तक गांव की रामश्री, चंद्रकली, डालचंद, महेश, लज्जावती, अभिषेक, शिवराम, शांतई, धर्मेंद्र और राधेश्याम के मकान नदी में समा गए। कटान के आगे ग्रामीण बेबस दिखाई दिए। शुक्रवार को कटान के दौरान एक युवती बाल-बाल बची। युवती घर के बाहर खड़ी थी, तभी अचानक भरभरा कर पूरा मकान नदी में समा गया। युवती ने भागकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया।
आरोप: आश्वासन देकर की जा रही खानापूरी
बेघर हुए परिवारों ने बताया कि उन्हें अब बचाव की कोई राह नजर नहीं आ रही। दिन ढलते ही अंधेरे में खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस बचाव कार्य नहीं किया गया। सिर्फ मुआवजे का आश्वासन देकर खानापूरी की जा रही है।
पीड़ितों का कहना है कि लगातार गुहार लगाने के बावजूद न तो राहत सामग्री मिल पा रही है और न ही सुरक्षित ठिकाने।इसके अलावा तहसीलदार मुकेश वर्मा ने बताया कि कटानग्रस्त क्षेत्र पर नजर रखने के लिए लेखपाल को लगाया गया है। शासन को रोजाना रिपोर्ट भेजी जा रही है और जल्द ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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