लखमपुर खीरी के मैलानी और गोला वन रेंज के सीमा पर स्थित बरौंछा नाले में सक्रिय बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग ने 14 उच्च-तकनीकी कैमरे स्थापित किए हैं। यह कैमरे बाघ की गतिविधियों और उसकी मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए लगाए गए हैं, ताकि बाघ के जंगल में आने-जाने की जानकारी समय पर मिल सके। इन कैमरों की मदद से विभाग बाघ की उपस्थिति को सही तरीके से मॉनिटर कर सकेगा, जिससे सुरक्षा उपायों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
बाघ की निगरानी के लिए लगातार प्रयास
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय अमले के साथ रत्नापुर गांव के समीप घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वन कर्मियों से लोगों की सुरक्षा के लिए बाघ को पकड़ने की रणनीति बनाई। इसके तहत उसकी गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश गए गए।
इसके साथ ही बृहस्पतिवार को दोनों रेंजो में बाघ की निगरानी के लिए सात जोड़ी कैमरे लगाए गए। रेंजर गोला संजीव तिवारी ने बताया कि बरौंछा नाला क्षेत्र में सक्रिय बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा।
सुरक्षा और संरक्षण के लिए उठाए गए कदम
बाघ की गतिविधियों की निगरानी के लिए यह कैमरा नेटवर्क एक महत्वपूर्ण कदम है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल बाघ की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह स्थानीय समुदायों और किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
बाघ के खतरे से बचाव के लिए पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ाई जाएगी और वन्य जीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए वन्यजीवों के अलावा अन्य प्रकार के वन्य जीवन पर भी नजर रखी जाएगी, जिससे इलाके में संतुलित पारिस्थितिकी प्रणाली को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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