गन्ना लदा ओवरलोड ट्रक के नीचे दबकर जान गंवाने वाले तीनों बच्चों के शव जेसे ही पोस्टमार्टम के बाद गांव लाए गए तो पूरे गांव में मानो मातम की लहर दौड़ गई। मंगलवार दोपहर जौहर की नमाज के बाद टेंगनहा, महराज नगर और बहराइच के चितलहा गांव में बच्चों के शव दफनाए गए।
कैसे हुआ हादसा
बता दें कि धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के देवीपुरवा गन्ना सेंटर से गन्ना लाद कर ऐरा की गोबिंद चीनी मिल जा रहा ओवरलोड ट्रक टेंगनहा गांव में सोमवार शाम पांच बजे पलट गया था जिससे सड़क किनारे खेल रहे रुहान, मेहनूर, आयशा और फरहीन उसकी चपेट में आ गए। और उसके नीचे दब गए सूचना पर आनन-फानन प्रशासन ने हाइड्रा लगाकर गन्ना हटवाया। जिसके बाद फरहीन को तो बचा लिया गया परंतु बाकी तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
बच्चों की मौत से परिवार का हाल बेहाल
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार मिश्रा ने मृतक तीनों बच्चों के शव रात में ही पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिये। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे एसपी संकल्प शर्मा ने मृतक बच्चों के परिजनों को धैर्य बंधाया और रात में ही पोस्टमॉर्टम करवाकर बच्चों के शव टेंगनहा गांव भिजवा दिए। जेसे ही बच्चों के शव गाव पहुंचे तो पूरे गांव में मातम छा गया। मंगलवार सुबह मृतक आयशा पुत्री हुसैन निवासी चितलहा बहराइच,और मेहनूर पुत्री आरिफ निवासी महराज नगर धौरहरा के शव उनके परिजन अपने अपने घर ले गए। और जोहर की नमाज के बाद तीनों बच्चों, रूहान, आयशा, मेहनूर के शव अलग-अलग सुपुर्दे खाक किए गए। इस दौरान टेंगनहा और महराज नगर में पुलिस बल मौजूद रहा।

देवीपुरवा गन्ना सेंटर हटाने के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
धौरहरा। गोबिंद शुगर मिल ऐरा के गन्ना सेंटर देवीपुरवा को बंद कराने के लिए ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर टेंगनहा गांव की सड़क जाम कर दी, जिसके बाद वहा पहुंचे अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीण माने,और तब जाकर उन्होंने जाम खोला। एसडीएम राजेश कुमार और सीओ प्रीतम पाल सिंह ने चीनी मिल ऐरा के यूनिट हेड आलोक सक्सेना से देवीपुरवा गन्ना सेंटर बंद कराने को कहा। इस पर यूनिट हेड ने ग्रामीणों की मांगें मानकर सेंटर बंद कर दिया है।
खराब सड़क और ओवरलोड ट्रक बना हादसे की वजह
धौरहरा, टेंगनहा गांव की ढलान वाली सड़क और ऊपर से ओवरलोड ट्रक हादसे की वजह मानी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी प्रशासन द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। धौरहरा सिसैया मार्ग को जोड़ने वाला देवीपुरवा टेंगनहा मार्ग काफी हद तक खराब है। गांव में जहां हादसा हुआ, वहां आधी सड़क टूटी हुई है और ढलान भी है।




