लखीमपुर खीरी में गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में फायरिंग करने लगा, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ जुट गई, जो शव सौंपे जाने का इंतजार करती रही। पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
घटना का पूरा विवरण
लखीमपुर खीरी जिले में सामने आए गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी तालिब को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। खीरी और सुल्तानपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। परिजन अब तालिब के शव का इंतजार कर रहे हैं।पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश में विशेष टीम लगाई गई थी।
सूचना के आधार पर जब पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।इसके साथ ही बताया जा रहा है कि तालिब पर गैंगरेप सहित कुल 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से खीरी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। एक लाख रुपये का इनाम घोषित होने और लगातार दबिश के बावजूद वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
कैसे हुई मुठभेड़
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अवैध हथियार से गोलियां चलाईं। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
तालिब का परिवार प्लंबर का काम करके अपना जीवनयापन करता है। उसके सौतेले भाई गुड्डू ने बताया कि परिवार और गांव वालों ने उसे कई बार समझाने का प्रयास किया परन्तु सारे प्रयास नाकामयाब रहे, और उसने अपना आपराधिक रास्ता नहीं छोड़ा।गुड्डू ने बताया कि तालिब का आपराधिक जीवन वर्ष 2018 में फरधान थाना क्षेत्र में चोरी के मुकदमे से शुरू हुआ था। परिवार और ग्रामीणों के समझाने के बावजूद उसने अपना रास्ता नहीं बदला, जिसका परिणाम आज उसे भुगतना पड़ा।
अस्पताल में परिजनों का इंतजार, पुलिस तैनात
आरोपी की मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजन अस्पताल पहुंच गए और शव सौंपे जाने का इंतजार करते रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
तालिब की शादी वर्ष 2022 में फरधान थाना क्षेत्र के काला डूंड गांव की लकी से हुई थी। उसके दो बेटे हैं – जुनैद (लगभग ढाई साल) और फूजेल। वह अपनी चार बहनों में अकेला भाई था, जबकि उसकी दूसरी मां के दो बेटे भी हैं।मौत की खबर सुनकर गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है, ग्रामीण तालिब के शव का इंतजार कर रहे हैं।




