लखनऊ, 14 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते वर्षों में शासन की कार्यशैली में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। पारदर्शी नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और कड़े प्रशासनिक निर्णयों के कारण जनता का सरकार पर भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।इन्हीं प्रयासों में मुख्यमंत्री के “सुनवाई से समाधान” के संकल्प को आगे बढ़ाने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की भूमिका बेहद अहम रही है, यह सिस्टम न सिर्फ जनसुनवाई और राजस्व मामलों की निगरानी करता है, बल्कि जिलों के प्रशासनिक प्रदर्शन की भी नियमित समीक्षा करता है, सितंबर माह की रिपोर्ट में लखीमपुर खीरी ने इस प्रणाली में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
लखीमपुर खीरी ने हासिल किए 140 में से 134 अंक
आईजीआरएस हर महीने प्रदेश के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की समीक्षा करता है. इस मूल्यांकन के आधार पर ही जिलों की रैंकिंग तय होती है. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी और जनहितकारी नीतियों का असर अब ज़मीन पर साफ़ दिखाई देने लगा है। सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है, सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार लखीमपुर खीरी जैसे ज़िले ने राज्य स्तर पर 140 में से 134 अंक हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि यह रिपोर्ट जिलों की प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता को मापती है, उन्होंने कहा कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप खीरी में जनसुनवाई से लेकर समाधान तक हर शिकायत पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई की जाती है. इसी कारण जिले की शिकायत निस्तारण दर 95.71 प्रतिशत रही, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।
सुनवाई से समाधान’ की नीति पर काम
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि जिले में हर दिन प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई की जाती है, इसके साथ ही यहा प्रत्येक शिकायत की मॉनिटरिंग की जाती है और अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक की जवाबदेही तय है।
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हर नागरिक को यह भरोसा हो कि उसकी बात सरकार तक पहुंचती है और उसका समाधान होता है।इस पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की वजह से शिकायतों की संख्या में लगातार कमी आई है और जनता का प्रशासन पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
बलरामपुर दूसरे और बरेली तीसरे स्थान पर
ताजा रिपोर्ट के अनुसार बलरामपुर जिला दूसरे और बरेली जिला तीसरे स्थान पर आया है, इसके साथ ही बलरामपुर के जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि जिले में हर हफ्ते अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें होती हैं, ताकि विकास परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों और शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
बलरामपुर ने मानक पूर्णांक 140 के मुकाबले 133 अंक हासिल किए, जबकि निस्तारण दर 95 प्रतिशत रही, बरेली ने भी 133 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान पाया, इसके अलावा अंबेडकरनगर (132 अंक) चौथे और सोनभद्र (131 अंक) पांचवें स्थान पर रहे।
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