Lakhimpur kheri news: अयोध्या-काशी और प्रयागराज के बाद अब लखीमपुर में कॉरिडोर बनने जा रहा है। गोला गोकर्णनाथ स्थित छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध शिव मंदिर के लिए कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। इसके बाद यहां शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण में तेजी देखने को मिली है। जिला प्रशासन कॉरिडोर निर्माण में आड़े आने वाले अतिक्रमण को चिन्हित करने में जुट गया है।
जिला प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान
जिला पंचायत और नगर पालिका द्वारा चौड़ीकरण का काम जोरों सोरों से किया जा रहा है। अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा रहा है। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भारी तादाद में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।हालांकि, इस दौरान विरोध का भी सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन पक्षपात कर रहा है। परन्तु जिला प्रशासन का कहना है कि रास्ते में आने वाली जिला पंचायत की दुकानों को तोड़ने का आदेश है। सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से करना है।
जिला पंचायत की दर्जन भर दुकानों पर चला बुलडोजर
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि जिला पंचायत की लगभग 13 से 14 दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया है। 19418.992 वर्ग मीटर नजूल की भूमि पर्यटन विभाग को अधिग्रहित हो जाने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और भी तेजी से की जा रही है। इसमें धर्मशाला सहित 12 भवन, जिला पंचायत की 13 और नगर पालिका परिषद की सात दुकानों को चिन्हित किया गया है।इसके साथ ही बता दें कि शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण को लेकर करीब 70 करोड़ रुपये का बजट भी पास कर दिया गया है।
पांच एकड़ में बनेगा शिव मंदिर कॉरिडोर
शिव मंदिर कॉरिडोर का काम काफी जोरों सोरों से किया जा रहा है।शिव मंदिर कॉरिडोर करीब पांच एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। लाइट एंड साउंड सिस्टम से गोकर्ण तीर्थ को सजाया जाएगा। तीर्थ के जल को शुद्ध करने के लिए ऑक्सीडेशन प्लांट लगाया जाएगा। साथ ही बाउंड्री वॉल, स्टोन पाथवे, प्रवेश द्वार, कैंटीन ब्लॉक, यात्री हॉल, सीसीटीवी कैमरों से लैस कंट्रोल रूम और शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा।




