लखीमपुर में बड़ा हादसा: 30 फीट नीचे नदी में गिरी कार, 5 लोगों की मौत ग्रामीणों ने CPR देकर ड्राइवर को बचाया

लखीमपुर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक कार अनियंत्रित होकर करीब 30 फीट नीचे नदी में जा गिरी। कार में कुल 6 लोग सवार थे, जिनमें से 5 की मौके पर ही मौत हो गई।ड्राइवर को CPR देकर बचाया गया। बताया जा रहा है कि कार का गेट लॉक हो गया था। कार के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने कार खींचकर निकाली

हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए रस्सियों व स्थानीय साधनों की मदद से कार को नदी से बाहर खींचा। ग्रामीणों की तत्परता से राहत कार्य तेजी से हो पाया।नदी के तेज बहाव में कार 30-40 फीट बह गई। फिर कार नदी में डूब गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

टॉर्च की रोशनी में ग्रामीण नाव से नदी में उतरे। उन्होंने कार में रस्सी बांधी और उसे बाहर निकाला। इसके बाद शीशा तोड़कर अंदर बैठे लोगों को बाहर निकाला।आनन-फानन में सभी को CHC रमिया बेहड़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 5 को मृत घोषित कर दिया। हादसा जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर पढुआ थाना क्षेत्र के ढखेरवा–गिरजापुरी हाईवे पर पारस पुरवा गांव के पास मंगलवार रात 11:40 बजे हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई आंखों देखी घटना

स्थानीय युवक अभिमन्यु, रोबिन और उमेश ने बताया कि हम लोग सो रहे थे, तभी पुल से सोती नदी के साइफन में कार के गिरने और लोगों के चीखने की आवाज आई। पीछे से गुजर रहे एक कार चालक ने हादसा अपनी आंखों से होते देखा और चिल्लाकर लोगों को बुलाया।हम लोग दौड़कर पहुंचे। देखा तो कार नहर में डूब रही थी। अंदर बैठे लोग छटपटा रहे थे। थोड़ी देर में कार पूरी तरह डूब गई। हमने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पढुआ थाने के दरोगा अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद रस्सी का इंतजाम किया गया।फिर नाव के सहारे हम लोग नहर में उतरे। कार में रस्सी बांधी और ट्रैक्टर से खींचकर उसे किनारे तक लाए। कार के गेट लॉक थे। हमने ईंट से कार का शीशा तोड़ा, फिर सभी को बाहर निकाला। सभी बेहोश थे। हमने सभी को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। सीपीआर देने पर एक को होश आ गया, लेकिन बाकी 5 लोगों को होश नहीं आया। पुलिस सभी को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित

सभी साथी के भतीजी की शादी से लौट रहे थे

मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि बहराइच के चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के कर्मचारी सर्वेश कश्यप की भतीजी पारुल की मंगलवार को शादी थी। इसमें शामिल होने के लिए पांचों लखीमपुर खीरी जिले के सलेमपुर कोन गए थे। वहीं से लौटते समय यह हादसा हुआ।

एक साथ चार बैराज कर्मचारियों की मौत से बुधवार को सुबह ड्यूटी पर तैनात बैराज स्टाफ बेलदार संत बहादुर, नसीरुद्दीन, गेज रीडर रामाशंकर, कमल किशोर और साहबलाल शाहनी ने बताया कि साथियों की मौत से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। वह प्रतिदिन एकसाथ ड्यूटी करते थे, जिनके न होने से अब उनकी कमी खलेगी यह कहते हुए कर्मचारियों के आंसू निकल पड़े।

घनश्याम अपनी बच्ची का नाम भी नहीं रख पाए

बताया जा रहा है कि बहराइच के तेलागोढ़ी निवासी मृतक घनश्याम पुत्र बुल्लू प्रसाद की 2 साल पहले ललिता से शादी हुई थी। वह घाघरा गिरजा बैराज कैलाशपुरी में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी थे। दो महीने पहले बेटी हुई थी। घनश्याम अभी बच्ची का नाम भी नहीं रख पाए थे। घटना कि जानकारी सुनते ही पत्नी का रो–रोकर बुरा हाल हो गया है। परिवार वाले शव लेने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए हैं।

वहीं, घनश्याम के चचेरे भाई जितेंद्र के पिता विपिन बिहारी बाटी-चोखा बेचते थे। जितेंद्र घर में सबसे छोटे थे। उनके दो भाई और दो बहनें हैं। बहन और जितेंद्र की शादी होनी थी। भाई सतेंद्र ने बताया कि जितेंद्र गोरखपुर से आईटीआई कर रहा था। उसने हाल ही में पासपोर्ट बनवाया था। वह नौकरी के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहा था।

लालजी के बच्चो का बुरा हाल

बहराइच के ही शिशीन पुरवा निवासी तीसरे मृतक लालजी पुत्र मेवालाल भी इसी बैराज पर तैनात थे। लालजी के दो बेटे और एक बेटी हैं। सबसे बड़ी लड़की का नाम प्रीति है, जबकि उससे छोटे बेटा राज और सबसे छोटा विशाल है।चौथे मृतक सुरेंद्र पुरवा बहराइच के ही थे। इनकी सबसे बड़ी लड़की का नाम रेखा, पंकज, रानी, शिवानी है।

अजीमुल्ला उर्फ खुरचाली के परिवार में उनकी पत्नी और 5 बच्चे हैं। जिनमें दो बड़े बेटे और एक बेटी की शादी हो चुकी है। दो बड़े बेटे अपने परिवार के साथ पुश्तैनी घर मटेरा में रहते हैं। वह अपने दो बेटों व पत्नी के साथ गिरिजापुरी सिंचाई कालोनी में रहते थे।

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