लखीमपुर खीरी। भीरा क्षेत्र के सिख टांडा त्रिकोलिया गांव निवासी निर्मल सिंह से साइबर ठगी हो गई।ठग ने मोबाइल फोन का लाॅक खाेलने के बहाने उनके दो अलग-अलग खातों से तीन लाख 77 हजार रुपये निकाल लिए। सबसे ज्यादा रकम केसीसी खाते से निकाली गई।
फोन अनलॉक करने के बहाने रची गई ठगी
जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2025 को निर्मल सिंह का मोबाइल फोन लॉक हो गया था।अगले दिन गांव के ही संजय बाजपेई नाम के युवक ने कहा कि वह उनका फोन अनलॉक कर देगा।निर्मल सिंह ने उस पर भरोसा करते हुए मोबाइल दे दिया। कुछ समय बाद फोन तो वापस मिल गया, लेकिन उसी दौरान आरोपी ने मोबाइल में छेड़छाड़ कर बैंक संबंधी जानकारियाँ हासिल कर लीं।
इसके बाद जैसे ही इसकी जानकारी निर्मल को हुई उन्होंने तुरंत साइबर थाने में सेमरिया निवासी संजय बाजपेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। निर्मल ने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर को उनका मोबाइल फोन लॉक हो गया था, जिसे खुलवाने के बहाने 18 सितंबर को संजय ने उनका फोन ले लिया। कुछ देर बाद ही संजय ने फोन लौटा भी दिया।
खातों से उड़ाए गए रुपये
कुछ दिनों बाद जब निर्मल सिंह ने अपना बैंक बैलेंस चेक किया, तो उनके दो खातों से कुल ₹3.77 लाख रुपये गायब मिले।पीड़ित का कहना था कि संजय भी उनके फोन का लाॅक नहीं खोल सके। इसके बाद पीड़ित ने मोबाइल फोन को शॉप पर दिखाया तो पता चला कि उसका सिम कार्ड खराब है।
पीड़ित जब सिम निकलवाने दुकान गया तो पता चला कि आधार कार्ड भी लॉक है। इसके बाद बैंक गए, जहां पता चला कि उसके दो अलग-अलग खाते, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा भीरा से 87 हजार रुपये और एचडीएफसी बैंक गोला के केसीसी खाते से 2,90,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए।
पुलिस में शिकायत, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही निर्मल सिंह ने साइबर थाना लखीमपुर खीरी में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।साइबर सेल ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी अनजान व्यक्ति को फोन, सिम या बैंक से जुड़े ऐप्स तक पहुंच न दें और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत cybercrime.gov.in या 1930 हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ साइबर थाना में तहरीर दी है। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
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