राम मंदिर निर्माण पूरा शिखर पर कलश और ध्वजदंड स्थापित, PM मोदी करेंगे ‘सूर्य ध्वज’ फहराने

राम मंदिर ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा कि मंदिर के शिखर पर जल्द ही 22 फीट ऊंचा ‘सूर्य ध्वज’ फहराया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर निर्माण पूर्ण होने पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई दी है।

निर्माण‑कार्य एवं शिखर‑स्थापनाएँ

मिली जानकारी के मुताबिक अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य अब पूरी तरह से समाप्त हो गया है, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि मंदिर के सभी मुख्य निर्माण और श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं का कार्य पूरा हो चुका है।

अब केवल वही कार्य शेष हैं जिनका सीधा संबंध दर्शन व्यवस्था से नहीं है।बताया जा रहा है कि मंदिर के शिखर पर कलश और ध्वजदंड स्थापित किए जा चुके हैं, परकोटा क्षेत्र के भीतर स्थापित अन्य मंदिरों में भी ध्वजदंड और कलश की स्थापना पूरी हो चुकी हैं, उन्होंने कहा कि मुख्य मंदिर, परिक्रमा पथ, शेषावतार मंदिर और सप्त मंडप सहित सभी निर्माण अब पूर्णता की ओर हैं।

22 फीट ऊंचा ‘सूर्य ध्वज’ फहराया जाएगा

वहीं, कार्य समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने घोषणा की कि जल्द ही मंदिर के शिखर पर सूर्य चिन्ह वाला 22 फीट ऊंचा ‘सूर्य ध्वज’ फहराया जाएगा, बताया जा रहा हैं कि”यह ध्वज भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक होगा, सूर्य का चिन्ह भगवान श्रीराम के सूर्यवंशी वंश को दर्शाएगा, जबकि कोबेदार वृक्ष की आकृति शक्ति, स्थायित्व और जीवन के चक्र का प्रतीक मानी जाएगी।

L&T द्वारा सड़कों और पत्थर की फ्लोरिंग का कार्य लगभग समाप्त हो चुका है, जबकि GMR 10 एकड़ में फैले पंचवटी क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और हरियाली के कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रही है, चंपत राय ने यह भी बताया कि ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह, सभागार और लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी चारदीवारी जैसे कार्य अब अंतिम चरण में हैं।

पीएम मोदी फहराएंगे ‘सूर्य ध्वज’

बताया जा कि यह ध्वज पूरी तरह वैदिक और पारंपरिक विधियों से तैयार किया गया है, जिसकी लंबाई 22 फीट, चौड़ाई 11 फीट और वजन लगभग 11 किलो होगा, उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस ऐतिहासिक ध्वज को फहराने की रस्सी खींचेंगे, यह क्षण देश की आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक बनेगा जब भारत का नेतृत्व भगवान राम के धाम में श्रद्धा के साथ झुकेगा।

इस समारोह में नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है एवं उन्होंने 25 नवम्बर 2025 की तिथि स्वीकार की है।समारोह को धर्म‑संस्कृति के साथ‑साथ प्रतीकात्मक माना जा रहा है, इस ध्वजारोहन से यह संकेत मिलेगा कि मंदिर निर्माण का मुख्य भाग अब पूरा हो गया है।उस दिन के आसपास 23–25 नवम्बर तक वैदिक अनुष्ठान भी प्रस्तावित हैं, जो उत्सव‑पूर्व तैयारी का हिस्सा हैं।

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